-ऑटो लिफ्टर गैंग का था सरगना, पुलिस को मिली थी चोरी की 17 बाइक

-पिता एसआई और कॉन्स्टेबल भाई की फरियाद पर पुलिस ने बचाने को किया था खेल

<-ऑटो लिफ्टर गैंग का था सरगना, पुलिस को मिली थी चोरी की क्7 बाइक

-पिता एसआई और कॉन्स्टेबल भाई की फरियाद पर पुलिस ने बचाने को किया था खेल

BAREILLYBAREILLY :

ऑटो लिफ्टर गैंग में पुलिस की फजीहत कराने वाले एसआई के बेटे ¨रकू को आखिरकार पुलिस ने मंडे रात को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपी को ट्यूजडे जेल भी भेज दिया है. चार दिन पहले पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बड़े ऑटो लिफ्टर गैंग का खुलासा किया था. गैंग के हाइटेक बदमाश आलपिन से वाहन का लॉक खोलकर करते थे चोरी. क्राइम ब्रांच ने जब गैंग पकड़ा था तो उसमे एसआई का बेटा व कॉन्स्टेबल का भाई सरगना था. गैंग के बाकी सदस्यों से तीन बाइक तो एसआई के बेटे की निशानदेही पर पुलिस ने क्7 बाइक बरामद की थी.

हाफिजगंज थाना क्षेत्र से पकड़ा

पुलिस ने संडे को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उसकी गिरफ्तारी दिखाती कि इससे पहले ही एसआई और कॉन्स्टेबल भाई ने खाकी की बदनामी की दुहाई देकर किसी तरह उसको गैंग से निकलवा लिया था. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर समेत दो छात्रों को वाहन चोर बताकर खुलासा किया था. हालांकि तबतक मामला खुल गया था और एसआई के बेटे ¨रकू की गिरफ्तारी नहीं दिखाने का कारण पूछा गया था तो एसएसपी ने किसी भी ¨रकू के पकड़े जाने से पल्ला झाड़ लिया था. हालांकि अन्य अधिकारियों तक सरगना एसआई के बेटे को छोड़ने का मामला पहुंचा तो फजीहत बचाने के लिए बारादरी पुलिस ने मंडे देर राहुल गंगवार उर्फ ¨रकू पुत्र रामचंद्र निवासी गरेम थाना हाफिजगंज को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. गैंग के मनोज, बारादरी गंगापुर का हिस्ट्रीशीटर घोंचू उर्फ हर्ष व एक नाबालिग को पुलिस पहले ही ख्0 बाइक चोरी में जेल भेज चुकी है.

अफसरों ने ली थी क्लास

बाइक चोरी करने वाले गैंग के सदस्य बेहद शातिर थे. पहले यह गैंग चाबी से ताला खोलता था लेकिन कुछ महीने पहले उनकी मुलाकात एक बड़े ऑटो लिफ्टर से हुई थी तो उसने आलपिन से बाइक खोलने का तरीका सिखाया था. ट्रेनिंग के लिए उसने गूगल का सहारा लेने को कहा था. गूगल पर आलपिन व तार से ताले खोलने के दर्जनों वीडियो के साथ तरीके सिखाए गए हैं. इस मामले में पुलिस ने एसआई के बेटे रिंकू को क्लीनचिट देकर छोड़ दिया था. कुछ अधिकारियों के कहने पर ही पुलिस ने यह खेल किया था. जानकारी पर अफसरों ने नाराजगी जाहिर करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी करने के आदेश दिए. जिस पर पुलिस ने आरोपी को छोड़ने के क्भ् घंटे बाद विवेचना में नाम भी खोल दिया.