आठवीं तक के बच्चों के लिए मात्र दो किताबें ही दे पाया विभाग

सरकारी स्कूलों का हाल बेहाल, 5वीं और 6वीं में भी किताबें कम

MEERUT । सरकारी स्कूलों के बच्चे रामभरोसे हैं। अरबों रूपये का बजट होने के बाद भी शिक्षा विभाग बच्चों को किताबें तक मुहैया नहीं करा पाया है। डेढ़ महीना सत्र चलकर अब समर वेकेंशन भी हो गए लेकिन बच्चों का इंतजार खत्म नहीं हुआ। यही नहीं अब गर्मी की छुट्टियों में होमवर्क और सेल्फ स्टडी के लिए भी बच्चे मोहताज हो गए हैं। बिना किताबों के लिए पढ़ाई करना उनके लिए अलग चुनौती होगा।

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आठवीं में मिली सिर्फ दो किताबें

एक तरफ विभाग 6 से 8वीं तक के बच्चों के लिए एक्सट्रा क्लासेज की योजना तैयार कर रहा है। दूसरी तरफ आठवीं के बच्चों को मात्र 2 ही सब्जेक्ट्स की किताबें मिली हैं। जिसमें मैथ्स और संस्कृत शामिल हैं। जबकि सिलेबस में करीब 10 सब्जेक्ट्स शामिल हैं। हिंदी, इंग्लिश, साइंस, पर्यावरण, सामाजिक विज्ञान, भूगोल, महान व्यक्तिव समेत अन्य किताबों का अभी तक भी अता-पता नहीं हैं। जबकि 6 और 7वीं में भूगोल की किताबें नहीं मिली हैं। यहां भी स्टूडेंट्स के लिए समर वेकेशंस में होमवर्क पूरा करना मुश्किल होगा। जबकि 1 से 5वीं तक की भी दो-तीन किताबें शार्ट हैं।

कैसे हो होमवर्क

प्राइमरी स्कूलों में इस बार बच्चों को होमवर्क भी खास तरीके से दिया गया है। इसके तहत मिशन शिक्षण संवाद ने होमवर्क का पूरा ब्यौरा डिजाइन किया है। अलग-अलग सब्जेक्ट्स में कंटेंट का भी ब्यौरा दिया गया है। ऐसे में बच्चे भी परेशान हैं कि बिना किताबों के होमवर्क कैसे किया जाएगा।

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बच्चों को सभी किताबें नहीं मिली हैं। पुरानी किताबों के सहारे ही बच्चों को पढ़ाया गया है। होमवर्क भी उन्हीं में से दिया गया है। अब स्कूल खुलने के बाद नई किताबें मिल पाएंगी।

सविता, अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ

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शासन की ओर से जो किताबें आई थी सब बंटवा दी गई हैं। कुछ किताबें नहीं आई हैं।

सतेंद्र ढाका, बीएसए, मेरठ।