- यूपी एसटीएफ ने विकास सिंह गौंडे गिरोह के चार शूटरों को किया अरेस्ट

- दो पिस्टल, कारतूस, अर्टिगा कार और चोरी की बाइक बरामद

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रुष्टयहृह्रङ्ख : यूपी एसटीएफ की सतर्कता से हमीरपुर सदर से बीजेपी विधायक अशोक चंदेल की हत्या की साजिश नाकाम हो गई. एसटीएफ टीम ने वाराणसी कैंट एरिया से विकास सिंह गौंडे गिरोह के 50 हजार के इनामी अपराधी समेत चार शूटरों को अरेस्ट करते हुए उनके कब्जे से दो पिस्टल, आठ जिंदा कारतूस, एक अर्टिगा कार, दो चोरी की बाइक, तीन मोबाइल फोन व 26 हजार रुपये बरामद किये. एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्त में आए शूटर हत्याकांड को अंजाम देने से पहले हमीरपुर जेल में बंद सरगना विकास सिंह गौंडे को पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार कराने की फिराक में थे.

फरारी की सूचना पर हुए एक्टिव

एसएसपी एसटीएफ अभिषेक सिंह के मुताबिक, बीते दिनों सूचना मिली कि हमीरपुर जेल में बंद प्रतापगढ़ निवासी दुर्दात अपराधी विकास सिंह गौंडे पुलिस कस्टडी से फरार होकर कोई बड़ी वारदात को अंजाम देने वाला है. इस पर वाराणसी स्थित एसटीएफ टीम को एक्टिव किया गया. गुरुवार को सूचना मिली कि विकास गौंडे गैंग का शातिर शूटर 50 हजार का इनामी चंदन सोनकर वाराणसी के कैंट स्थित मल्टी परपज हॉल के करीब मौजूद है. टीम ने तुरंत निशानदेही वाली जगह की घेराबंदी की तो वहां मौजूद सात बदमाश पुलिस को देख भागने लगे.

जेल में रहते हुए ली सुपारी

टीम ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की तो उन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. हालांकि, पुलिस ने उनमें से चार बदमाशों को दबोच लिया. जबकि, तीन अन्य फरार हो गए. पकड़े गए बदमाशों की पहचान वाराणसी निवासी 50 हजार के इनामी चंदन सोनकर, आजमगढ़ निवासी अखिलेश उर्फ पंकज व अभिषेक उर्फ राहुल उर्फ रवि सिंह और जौनपुर निवासी उत्सव सिंह के रूप में हुई. पूछताछ में चंदन सोनकर ने बताया कि विकास सिंह गौंडे के बुलावे पर बीती 16 अगस्त को हमीरपुर जेल पहुंचे. विकास के कहने पर उसे अजय हड्डी से मिलवाया गया. अजय ने उन्हें बताया कि विकास ने हमीरपुर सदर से विधायक अशोक चंदेल की हत्या की सुपारी ली है.

चार हत्या का था प्लान

चंदन ने बताया कि हत्या के लिये उन लोगों को वह हथियार व गाड़ी मुहैया कराएगा. यह भी तय हुआ कि विधायक की हत्या से पहले विकास को जौनपुर में पेशी के दौरान फरार कराया जाएगा. अगर इस दौरान कस्टडी में तैनात पुलिसकर्मी विरोध करते तो उनकी हत्या कर दी जाती. विधायक की हत्या के बाद प्रतापगढ़ निवासी डब्बू सिंह, वाराणसी निवासी चंदन यादव व अनिल पट्टी की भी हत्या की प्लानिंग थी. इन हत्याओं के साथ ही आरोपियों ने तीन-चार बड़ी लूट को भी अंजाम देने की योजना बनाई थी.