-बस स्टेशन परिसर में नेत्रहीनों के लिए बनाया गया है ब्रेल लिपि ट्रैक, इंक्वायरी काउंटर-फूड स्टाल्स से लेकर पेयजल-टायलेट तक पहुंचना हुआ आसान

-बिना सहारे के बस में सवार होने में हो रही है आसानी

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VARANASI : बिना सहारा के भी नेत्रहीन रोडवेज बस स्टेशन पर अपना हर काम आसानी से कर कर पाएंगे. चाहे इंक्वायरी काउंटर का पता, पेयजल बूथ और या फिर फूड स्टाल्स पता ही क्यों न हो, अब उन्हें इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. यही नहीं, बस स्टेशन पर कदम रखते ही प्लेटफा‌र्म्स तक पहुंचने के लिए किसी कंधे की भी नौबत नहीं आएगी. सूबे के परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कमान संभालते ही रोडवेज बस अड्डों पर अशक्तों, लाचार सहित दिव्यांगों, नेत्रहीनों को सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर दे रहे है. उसी की देन है कि कैंट रोडवेज बस स्टेशन पर नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि तर्ज पर ट्रैक बनाया गया है. जिस पर चलकर नेत्रहीन स्टेशन के हर सीन को महसूस कर सकेंगे.

ट्रैक बिछाने का काम हुआ पूरा

बस स्टेशन पर ट्रैक बिछाने का काम लगभग पूरा हो चुका है. हल्के पीले रंग के बिछे ब्रेल टै्रक की टेस्टिंग हालांकि अभी बाकि है. रोडवेज कर्मियों की माने तो बहुत समय से ऐसे ट्रैक की मांग की जा रही थी ताकि नेत्रहीनों को बस स्टेशन पर कोई प्राब्लम न हो. स्टेशन परिसर में कदम रखते ही नेत्रहीनों के पैर ब्रेल ट्रैक पर ही पडे़गे.

आधा दर्जन व्हील चेयर रिजर्व

लगभग साढ़े चार सौ बसों के ठहराव वाले कैंट बस स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की बढ़ोत्तरी पर परिवहन निगम हेडक्वार्टर की सीधी नजर है. खास कर पीएम का संसदीय क्षेत्र होने के कारण पल-पल की मानिटरिंग भी हो रही है. आरएम सहित सभी एआरएम को निर्देशित किया गया है यात्री सुविधाओं में किसी तरह की कोई कोताही न बरती जाए. नेत्रहीन के लिए ब्रेल टै्रक बनाया गया है तो वहीं दिव्यांगों-अशक्तों के लिए आधा दर्जन व्हील चेयर्स की भी व्यवस्था बस स्टेशन पर कर दी गई है.

कितनी भी हो भीड़, नेत्रहीनों को मिलेगी सीट

परिवहन मंत्री के आदेश पर रोडवेज हेडक्वार्टर ने एक बार फिर से आरएम सहित सभी एआरएम को निर्देशित किया है कि दिव्यांगों, नेत्रहीनों और अशक्तों-बीमारों को बस में सीट प्राथमिकता के आधार पर पहले मिले. शिकायतें नहीं वरन आंखों देखी का हाल है कि दिव्यांग, अशक्त बस में खड़े-खड़े होकर सफर करने के लिए बाध्य होते है. सभी चालक-परिचालकों को समस्त एआरएम ने आदेश का पालन करने की सख्त हिदायत दी है.

नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि टै्रक बिछाने का काम पूरा हो चुका है. अब बिना किसी सहारे के भी नेत्रहीन स्टेशन परिसर का चक्रमण टै्रक के सहारे कर सकते है.

आरके श्रीवास्तव, स्टेशन इंचार्ज

रोडवेज कैंट

एक नजर

8 डिपो

बनारस डिविजन में

546

बसों का होता है संचालन

35

एसी बस

86

अनुबंधित बस

130

सिटी ट्रांसपोर्ट की बसेज

20

हजार से अधिक यात्रियों की होती है कैंट बस स्टेशन से डेली आवाजाही

01

हजार से अधिक दिव्यांग, नेत्रहीन सहित अशक्त यात्रियों की होती है गैदरिंग