- 100 प्रतिशत ब्लड का कॉम्पोनेंट रखना अनिवार्य

- उप्र राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने ब्लड बैंकों को दिए निर्देश जारी

आई एक्सक्लूसिव

पारुल सिंघल

मेरठ. शहर में डेंगू अपने पैर पसार चुका है. अभी तक करीब 18 मरीज इस बुखार की जद में आ चुके हैं. उप्र राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के निर्देशों के बावजूद भी सरकारी ब्लड बैंकों में खून की कमी है. ऐसे में अगर डेंगू और चिकनगुनिया फैला तो मरीजों को खून की जबरदस्त किल्लत से सामना करना पड़ेगा.

निगेटिव ब्लड ग्रुप का टोटा

स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल की वेबसाइट पर जारी रिपोर्ट के अनुसार जिला अस्पताल के ब्लड बैंक व सरदार वल्लभ भाई पटेल चिकित्सालय के ब्लड बैंक में निगेटिव ब्लड ग्रुप का टोटा है. एबी निगेटिव, ओ निगेटिव, बी निगेटिव व ए निगेटिव ग्रुप का ब्लड या तो यह है ही नहीं या मात्र तीन-चार यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है. शहर में कुछ 13 ब्लड बैंक हैं जिनमें से प्राइवेट ब्लड बैंकों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है.

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सप्लाई नहीं मिली तो कार्रवाई

उप्र राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने सभी ब्लड बैंकों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि सभी ब्लड बैंकों को इस बार 100 प्रतिशत काम्पोनेंट हर हाल में उपलब्ध होने चाहिए .अगर कहीं भी शिकायत मिली तो उक्त ब्लड बैंक पर कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस रद कर दिया जाएगा.

यह हैं नियम

- ब्लड बैंकों को हॉस्पिटल ट्रांसफ्यूजन कमेटी की बैठक कर डेंगू के प्रकोप से अबाधित प्लेटलेट्स आपूर्ति की रणनीति बनानी होगी.

- ब्लड बैंक में इमरजेंसी की हालत में ही स्टाफ को दिया जाए अवकाश

- एसबीटीसी की वेबसाइट व एनएचपी पोर्टल पर डेली रिपोर्ट अपलोड करें ब्लड बैंक

- पीआरबीसी की अधिकता ज्यादा होने पर दूसरी जगह बल्क ट्रांसफर किया जाएगा.

- महामारी फैलने की स्थिति में किसी भी स्थिति में ब्लड कॉम्पोनेंट की कमी नहीं होनी चाहिए.

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वर्जन

ब्लड बैंक में सभी कम्पोनेंट पूरे हैं. निगेटिव ब्लड ग्रुप कम हैं लेकिन हम इनको पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं.

डॉ. सचिन सिंह, ब्लड बैंक इंचार्ज, मेडिकल कॉलेज