डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा, अधिकारियों संग की प्रयागराज मंडल के शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा

उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा की परीक्षा नकलविहीन कराए जाने पर जोर

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PRAYAGRAJ: 2019 में होने वाली माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं कुंभ के मुख्य स्नान पर्वो के दिन नही होंगी. इसकी तैयारी शासन ने पहले ही कर रखी है. कारण साफ है कि कुंभ के स्नान पर्वो पर देश दुनिया से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं और ऐसे में बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने से छात्रों को परेशानी हो सकती है. इसकी तस्दीक उप्र के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने की है. उन्होंने शनिवार को उच्च व माध्यमिक शिक्षा के अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में मंडल के शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि होली के त्योहार से पहले परीक्षाएं खत्म कराने की पूरी कवायद चल रही है.

15 से 16 दिन में खत्म होंगी परीक्षा

उन्होंने यह भी कहा कि कुंभ मेले को देखते हुए इस बार 15 दिन में हाईस्कूल व 16 दिन में इंटरमीडिएट की परीक्षाएं खत्म कराने का प्रयास है. कुल मिलाकर कुंभ और बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन में किसी प्रकार का टकराव सरकार नही चाहती है. एशिया के सबसे बड़े यूपी बोर्ड में सर्वाधिक परीक्षार्थी शामिल होते हैं. इस बार इनकी संख्या प्रदेश में 52 लाख से अधिक है. ऐसे में अभी से चीजों को बेहतर तरीके से कराने की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं.

बिना वाइस रिकार्डर बेकार माना जाएगा कैमरा

डिप्टी सीएम ने कहा कि उच्च और माध्यमिक शिक्षा की परीक्षाओं को पूरी तरह नकल विहीन बनाने पर जोर दिया जा रहा है. परीक्षा, मूल्यांकन, परीक्षाफल, समय से शैक्षिक पंचाग के अनुसार कराया जाना तय है. प्रयागराज समेत मंडल के कौशांबी, प्रतापगढ़ और फतेहपुर जिले के अधिकारियों को उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ वाइस रिकार्डर होना अनिवार्य है. जहां यह सुविधा नही है उस सेंटर को चयनित नही किया जाएगा. जब तक कोई कालेज तीन साल पुराना न हो तथा निर्धारित मापदंड पूरा न करता हो उसे सेंटर नही बनाया जाएगा. छात्राओं के लिए बनाए गए स्वकेंद्रों पर दूसरे कालेज के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी.

शासन पर न छोड़ें फैसले

इस बार बोर्ड परीक्षाओं में नकल शिकायत और बदनाम कॉलेजों को परीक्षा केंद्र नही बनाए जाएगा.

परीक्षा केंद्रों से जुड़ी शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाए

इसके लिए शासन के फैसले का इंतजार करना उचित नही

सामूहिक नकल में पकड़े गए सेंटरों को दोबारा केंद्र बनाने के दौरान पूरा स्टॉफ बदला जाय

कौशांबी में परीक्षा को नकलविहीन सम्पन्न कराने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं