नेता जी की जिंदगी से जुड़े हैं कई राज
नेता जी सुभाषचंद्र बोस के जीवित होने और मौत को लेकर हमेशा ही रहस्‍य बना रहा। गांधी जी से उलट अपनी अलग विचारधारा के साथ अंग्रेजों से लड़ाई करने वाले नेताजी अचानक गायब हो गए थे। फिलहाल एक वेब सीरीज Bose : Dead/Alive के तहत नेताजी की जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं को दिखाया जाएगा। इस वेब सीरीज का दूसरा ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। जबकि पहला ट्रेलर अगस्‍त में आ गया था। ट्रेलर देखने के बाद आपको यह सीरीज देखने की उत्‍सुकता बढ़ जाएगी क्‍योंकि इसमें गांधी, नेहरू और कांग्रेस से जुड़े अहम राज देखने को मिलेंगे।
गांधी,नेहरू और कांग्रेस से जुड़े अहम राज खोलेगी नेताजी पर बनी यह वेब सीरीज bose : dead/alive
1. नकली हिटलर को यूं पहचाना था नेताजी ने
ट्रेलर में दिखाया गया कि नेता जी सुभाषचंद्र बोस एक बार हिटलर से मिलने गए थे। लेकिन वहां एक हिटलर से मिलता-जुलता शख्‍स था जिसे सभी असली हिटलर मान रहे थे। परंतु नेताजी ने उसे तुरंत पहचान लिया, यह बात हिटलर को पता चली वह यह जानने के लिए काफी एक्‍साइटेड हो जाते हैं कि आखिर बोस ने नकली वाले को पहचाना कैसे। जवाब में बोस ने कहा कि, नकली वाली अपनी इमेज की ज्‍यादा परवाह करता है जबकि असली हिटलर इन सभी से बेखबर रहता।
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2. गांधी से था मतभेद
सुभाषचंद्र बोस को महात्‍मा गांधी की अहिंसा वाली विचारधारा कभी पसंद नहीं आई। इस वेब सीरीज में दिखाया जाएगा कि कैसे गांधी और बोस में मतभेद हुआ। बोस जहां लड़कर आजादी लेना चाहते थे, वहीं गांधी से अहिंसा के रास्‍ते आजादी के सपने देख रहे थे।
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3. कांग्रेस नहीं चाहती थी आजादी
ट्रेलर में दिखाया गया कि, बोस एक सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कह रहे कि, आजादी के लिए हमें लड़ना होगा क्‍योंकि कांग्रेस सिर्फ सत्‍ता चाहती थी, उन्‍हें आजादी से मतलब नहीं था। खैर यह एक विवादित विषय है, Bose : Dead/Alive वेब सीरीज में इन सभी रहस्‍यों से पर्दा उठेगा।
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4. क्‍या नेहरू बनने देते बोस को प्रधानमंत्री
साल 1945 में जब नेताजी के मरने की खबर आई तो पूरे देश में हलचल मच गई। किसी को इस बात पर यकीन नहीं हुआ कि नेताजी हमारे बीच नहीं रहे। खैर इस बात का प्रमाण आजतक नहीं मिल पाया। ट्रेलर में आप देखेंगे कि कैसे नेहरू लार्ड माउंटबेटन से बात करते हैं जिसमें माउंटबेटन नेहरू से पूछते हैं कि अगर नेताजी जिंदा है तो क्‍या उन्‍हें प्रधानमंत्री बनने दिया जाएगा। नेहरू के पास इसका कोई जवाब नहीं होता।
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5. जिंदा व्‍यक्‍ित की होती है जासूसी
Bose : Dead/Alive वेब सीरीज में दिखाया गया कि नेताजी की पत्‍नी ने कभी नहीं माना कि वह मर चुके हैं। उनकी पत्‍नी का कहना था कि, कभी भी मरे हुए व्‍यक्‍ित की जासूसी नहीं की जाती। इसका मतलब था कि वो जिंदा थे।

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