- शहर की बेटी मीमांसा का सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग कैंप हुआ सिलेक्शन

- 27 मई से 15 जून तक रोहतक में आयोजित होगा कैंप

बरेली : मैरीकॉम एक ऐसा नाम जिसका संघर्ष ही महिला बॉक्सरों को प्रतिभावान बनाने के लिए काफी सराहनीय सिद्ध हो रहा है। मैरीकॉम से प्रेरित होकर शहर की बॉक्सिंग प्लेयर मीमांसा पांडेय नेशनल खेलने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रही है। मीमांसा का सिलेक्शन रोहतक में 27 मई से 15 जून तक आयोजित होने वाले सब जूनियर नेशनल बॉक्सिंग कैंप के लिए हुआ है।

सुबह 4 बजे से बहाती है पसीना

मीमांसा शहर के मोहल्ला चाहबाई की रहने वाली हैं। वह क्लास 9 की पढ़ाई कर रही हैं। उनके पिता अनूप पांडेय और मां विनीता पांडेय ने बताया कि मीमांसा सुबह 4 बजे ही स्टेडियम पहुंच जाती है। पिता उन्हें छोड़कर आते हैं। खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल रहे इसके लिए किताबें भी साथ रखती हैं। प्रैक्टिस के बाद स्टेडियम से ही वह स्कूल चली जाती हैं।

सुबह-शाम बस बॉक्सिंग

मीमांसा बताती है कि उनको शुरू से ही बॉक्सिंग के प्रति लगाव था, लेकिन मैरीकॉम की जीवनी पढ़ी तो उनके अंदर मैरीकाम के जैसा सफल बॉक्सर बनने की ललक जाग उठी। फिर क्या था सुबह 4 बजे से लेकर सात बजे तक और शाम को 4 से 6 बजे तक स्टेडियम में लगातार प्रेक्टिस आरंभ कर दी।

कोच की मेहनत से पाया मुकाम

स्टेडियम में वर्ष 2018 की शुरुआत में ही शैवर खान के रूप में बॉक्सिंग कोच मिले। उनके अंडर में ही मीमांसा ने जीतोड़ मेहनत की और नेशनल कैंप में जगह बनाई। अपनी सफलता श्रेय भी वह अपने कोच शैवर खान को ही देती हैं।

नेशनल से सिर्फ एक कदम दूर

रोहतक में आयोजित होने वाले नेशनल कैंप में सिलेक्शन के बाद मीमांसा नेशनल खेलने से अब एक कदम दूर हैं। कैंप में फाइनल राउंड ट्रायल में अगर मीमांसा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में सफल हो जाती है तो वह हंगरी में होने वाले इंटरनेशनल टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।