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र्रून्स्नस्नन्क्त्रक्कक्त्र/क्कन्ञ्जहृन्: बालिका गृह यौन ¨हसा मामले में पुलिस अनुसंधान में आरोपित बनाए गए ब्रजेश ठाकुर सहित नौ लोगों की शनिवार को विशेष पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश आरपी तिवारी के समक्ष वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराई गई. अन्य आरोपितों में सीडब्ल्यूसी के सदस्य विकास कुमार, निलंबित जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी रवि रोशन व छह महिलाएं शामिल हैं. एक महिला आरोपित चंदा देवी बीमार है. एसकेएमसीएच में भर्ती होने के कारण उसकी पेशी नहीं कराई गई. कोर्ट ने 10 सितंबर को अगली पेशी की तारीख मुकर्रर की है. इस दौरान न्यायालय के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष के समक्ष सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी. नगर थानाध्यक्ष मो.सुजाउद्दीन व क्यूआरटी प्रभारी आरपी गुप्ता सहित अन्य जवान तैनात थे.

सुरक्षा को लेकर दी थी अर्जी

आठ अगस्त को विशेष पॉक्सो कोर्ट में पेशी के लिए ले जाने के क्रम में कचहरी परिसर में एक लड़की ने ब्रजेश ठाकुर के चेहरे पर स्याही फेंका था. इसके बाद पेशी की अगली तारीख 18 अगस्त को विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो नरेंद्र कुमार ने कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की. इसमें सुरक्षा के मद्देनजर सभी आरोपितों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराने की प्रार्थना की. विशेष कोर्ट ने उनकी अर्जी स्वीकार कर ली थी. उसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग से यह दूसरी बार पेशी हुई है. ज्ञात हो कि अनुसंधान के क्रम में आरोपित बनाए गए ब्रजेश ठाकुर व सात महिलाओं को दो जून को गिरफ्तार किया गया. इन्हें तीन जून को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया. सीडब्ल्यूसी के सदस्य विकास कुमार को पांच जून व निलंबित सीपीओ रवि रोशन को 24 जून को गिरफ्तार किया गया. इन दोनों को गिरफ्तारी के दिन ही न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था.