लोक सेवा आयोग अब पहले कराएगा स्क्रीनिंग, 50 फीसदी ही होंगे इंटरव्यू के अंक

लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में इंटरव्यू के साथ स्क्रीनिंग के नंबर जोड़कर बनेगी मेरिट

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ALLAHABAD: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा कराई जाने वाली सीधी भर्ती यानि इंटरव्यू के जरिए सलेक्शन देने में बड़ा बदलाव किया गया है. आने वाले समय में आयोग के जरिए होने वाली ऐसी सीधी भर्ती परीक्षाओं में जिसमें पद के सापेक्ष अधिक आवेदन आएंगे उसके लिए स्क्रीनिंग परीक्षा और इंटरव्यू दोनों में अभ्यर्थियों को पचास-पचास फीसदी अंक दिया जाएगा. जिसके आधार पर मेरिट तैयार कर परिणाम घोषित किया जाएगा. यह निर्णय शुक्रवार को आयोग के चेयरमैन अनिरुद्ध यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया. जिसे अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाएगा. बैठक में परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार, सचिव जगदीश व सदस्य मौजूद रहे.

यूपीएससी को बनाया आधार

संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित होने वाली सीधी भर्ती में स्क्रीनिंग व इंटरव्यू में पचास-पचास फीसदी समान अंकों की व्यवस्था पहले से ही लागू है. आयोग की इसी व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए उप्र लोक सेवा आयोग की एक कमेटी पिछले महीने नई दिल्ली गई थी और व्यवस्था से होने वाले लाभ और हानि का महत्व को समझी थी.

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोग की सीधी भर्ती में अभी तक की व्यवस्था के अनुसार इंटरव्यू के लिए एक पद के सापेक्ष आठ अभ्यर्थियों को बुलाया जाता है.

जिन सीधी भर्ती में पद के सापेक्ष अधिक अभ्यर्थी होते थे उसके लिए स्क्रीनिंग कराई जाती थी

स्क्रीनिंग में सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए एक पद के सापेक्ष तीन गुना को बुलाया जाता है.

स्क्रीनिंग में भले ही अभ्यर्थी सफल हो जाता था लेकिन उसमें अंक नहीं दिया जाता था

सीधे इंटरव्यू में मिले नंबर के आधार पर परिणाम घोषित होता था.

सीधी भर्ती का नंबर गेम

56

विज्ञापनों पर भर्तियां की तत्कालीन चेयरमैन एसआर लाखा ने 27 माह के कार्यकाल में

39

विज्ञापनों पर भर्तियां की तत्कालीन चेयरमैन मिल्कियत सिंह ने 20 माह में

238

विज्ञापनों पर भर्तियां की तत्कालीन चेयरमैन डॉ. अनिल यादव ने 28 माह के कार्य काल में

(नोट: इन भर्तियों में पदों की संख्या हजारों में है. करीब 15 हजार नियुक्तियां हैं सीबीआई जांच के दायरे में)

क्यों आयी यह नौबत

पिछली सपा सरकार के दौरान यूपीपीएससी द्वारा की गयी भर्तियों की जांच कर रही है सीबीआई

ज्यादातर भर्तियां तत्कालीन चेयरमैन डॉ. अनिल यादव के कार्यकाल में की गयीं

236 विज्ञापनो के जरिए डॉ. अनिल के कार्यकाल में 15 हजार से अधिक को नियुक्ति मिली

इसमें से 29 परिणामों को हाई कोर्ट में चुनौती दी गयी

डॉ. अनिल के कार्यकाल में 21 प्रतियोगी परीक्षाएं हुई थीं. बाकी सभी सीधी भर्ती थी

सीधी भर्ती सिर्फ इंटरव्यू के आधार पर होती थी. इसमें भ्रष्टाचार का आरोप लगा.

आयोग की सीधी भर्तियों में स्क्रीनिंग और इंटरव्यू में पचास-पचास फीसदी अंक देने का निर्णय लिया गया है. आयोग की हुई बैठक में इस निर्णय को अनुमोदन के लिए शासन के पास भेजा जाएगा.

जगदीश, सचिव लोक सेवा आयोग