पूरा सच सामने
जी हां हाल ही हाल ही में ऑकलैंड में ब्रेस्‍ट कैंसर एसोसिएशन ने एक बड़ा ऐलान किया है। एसोसिएशन का कहना है कि दुनिया में बढ़ते ब्रेस्‍ट कैंसर के मामलों को रोकने के लिए इसका समय पर पता लगना जरूरी है। ऐसे में इंसान के बहने वाले आंसू बड़े मददगार होंगे। इन आंसुओ की जांच से यह पता लग जाएगा कि संबंधित इंसान को स्‍तन कैंसर है या नही है। शोधकर्ताओं ने हाल ही में एक रोमांटिक नाटक, ब्रुकलीन की स्‍क्रीनिंग के दौरान करीब 400 लोगों के आंसू को इकट्ठा किया। इसके बाद इन आंसुओं का परीक्षण किया गया। जिसमें करीब आंधे घंटे में आंसुओं से पूरा सच सामने आ गया। हालांकि ये आंसू नार्मल प्रकिया में बहने वाले होने चाहिए। दर्द व तकलीफ में बहने वाले आंसू सही रिजल्‍ट नहीं देंगे।
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खुशी में बह रहे

इसीलिए शोधकर्ताओं ने नाटक देख रहे लोगों के लिए वो आंसू लिए जो खुशी में बह रहे थे। उनका कहना है कि आंसू में एक तरह का ऐसा प्रोटीन है जो इसमें मदद करता है। वहीं इस संबंध में एडेल गौटिएर फाउंडेशन के मैनेजर का कहना है कि यह एक बड़ी सफलता है। इससे बड़ी संख्‍या में लोग समय पर जानकारी हासिल कर सकेंगे। उनका मानना है कि यह बात तो सच है कि ब्रेस्‍ट कैंसर एक गंभीर और तेजी से बढ़ती बीमारी है। हालांकि अगर समय पर इसका इलाज कर लिया जाए तो इससे जान जाने का खतरा कम होता है।
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