भारत आने का दूसरा उद्दश्य
नई दिल्ली (पीटीआई)।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि ब्रिटिश सांसद लार्ड अलेग्जेंडर कार्लिले को भारत पहुंचने के साथ ही वीजा रद करके उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस उनके देश भेज दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्लिले के पास भारत यात्रा का उपयुक्त वीजा नहीं था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कार्लिले की भारत में गतिविधि उनके वीजा आवेदन में बताये गए यात्रा के उद्देश्य से मेल नहीं खाती थी। वह बिना उपयुक्त वीजा लिए बुधवार को भारत पहुंचे थे।

पांच साल जेल की सजा
उन्होंने कहा कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें भारत में एंट्री करने की इजाजत नहीं दी गई। गौरतलब है कि लार्ड अलेग्जेंडर, पेशे से एक वकील होने के साथ ही बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के कानूनी सलाहकार भी हैं। खालिदा इन दिनों ढाका जेल में सजा काट रही हैं। बता दें कि तीन बार देश की प्रधानमंत्री रहीं खालिदा को अदालत ने फरवरी में भ्रष्‍टाचार के एक मामले में पांच साल की जेल की सजा सुनाई थी। भ्रष्‍टाचार रोधी आयोग ने खालिदा और उनके बेटे तारिक रहमान समेत कुछ अन्‍य के खिलाफ 'जिया ऑरफनेज ट्रस्ट' के लिए 2.1 करोड़ टका के विदेशी चंदे के गबन के आरोप में मामला दर्ज किया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लार्ड अलेग्जेंडर खालिदा के इसी मामले को लेकर बुधवार को दिल्ली आए थे। यहां उनके लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था, जहां उनको खालिदा पर लगाए गए आरोपों के बारे में अंतरराष्ट्रीय मीडिया को बताना था लेकिन विदेश मंत्रालय ने ऐसा होने नहीं दिया और भारत यात्रा का उपयुक्त वीजा नहीं होने पर उन्हें वापस भेज दिया।

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