- सीमेंट व्यापारी की हत्या का मामला

GORAKHPUR: चिलुआताल इलाके में सीमेंट व्यापारी इमरान खान की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक मृतक के भाइयों ने ही हत्या की साजिश रची थी और फिर इमरान के रुपए हड़पने वाले से संपर्क कर हत्या करा दी. दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून लगा टायर खोलने वाले लोहे का उपकरण, मोबाइल और पिकअप गाड़ी को बरामद कर लिया है. फरार दो भाइयों के गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी है.

पत्नी व सालों के खिलाफ दर्ज था केस

पुलिस लाइंस में गुरुवार को सीओ कैंपियरगंज प्रभात राय ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि एक मई को इमरान की हत्या हुई थी. दो मई को पुलिस ने मृतक के भाई गुलजार की तहरीर पर पत्नी शिवा खान व उसके भाइयों के खिलाफ केस दर्ज किया था. विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक इमरान व उसका भाई जुल्फीकार सीमेंट का कारोबार करते थे. दोनों ही तीरथ साहनी से सीमेंट खरीदकर बेचते थे. इमरान का व्यापार बढ़ने की वजह से जुल्फीकार से उसका संबंध खराब हो गया. इसी बीच इमरान का रुपया तीरथ के पास फंस गया था. इमरान लगातार रुपए की मांग कर रहा था.

पत्‍‌नी से नहीं थे अच्छे संबंध

सीओ ने बताया कि इमरान का पत्नी से संबंध ठीक नहीं था. मगर 29 अप्रैल को दोनों के बीच समझौता हो गया था जिससे भाई इरफान और जुल्फीकार नाराज थे. इन दोनों ने ही हत्या की साजिश रची और फिर तीरथ से संपर्क किया. रुपए की वापसी न करने पडे़ इस वजह से तीरथ हत्या कराने को राजी हो गया. उन्होंने बताया कि हत्या में शामिल अजय और जग्गलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तारी करने वाली टीम में चिलुआताल थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह, नितिन कुमार, सिपाही रामदरश, आशुतोष सिंह, दीन दयाल, जगदीश कुमार, संजीव कुमार शामिल थे.

ऐसे हुई थी हत्या

एक मई को पूर्व योजना के तहत तीरथ साहनी ने अपने पिकअप चालक बघौचघाट, देवरिया निवासी अजय यादव व बरगदवां निवासी कर्मचारी जग्गलाल के साथ शेरपुर पहुंचा. पिकअप को आड़ में छिपाकर एक ट्रैक्टर चालक परमेश्वर से मोबाइल मांगा और फोन कर इमरान को सीमेंट के लेनदेन के बहाने बुलाया. जब इमरान आया तो पिकअप में पीछे बैठकर हिसाब किताब करने लगे. इसी बीच तीरथ ने लोहे के उपकरण से सिर पर वार कर दिया. फिर दोनों कर्मचारियों ने हाथ पैर दबा लिया और सिर पर कई वार कर हत्या कर दी. हत्या के बाद त्रिपाल में शव को लपेटकर नीचे उतार दिया और फरार हो गए.