RANCHI: तकनीकी जानकारियां भी रखता है. उसने मिंत्रा ऑफिस में ही काम करने वाले गार्ड मंदीप कुमार के साथ मिलकर चोरी का प्लान बनाया था. इसके बाद पेशेवर तरीके से 14 लाख रुपए उड़ा लिये. मंदीप बिहार के गया जिले के टेकारी थाना क्षेत्र का रहने वाला है. वहीं सोनू आरा भोजपुर के गाजियापुर का रहने वाला है. पुलिस की छापेमारी में सोनू के पास से केवल तीन लाख रुपए ही बरामद हुए हैं. चोरी के बाद दोनों ने आपस में पैसे बांट लिए थे. इसके बाद मंदीप ने रांची पहुंचे चचेरे भाई धर्मवीर के हाथों पैसे गांव भेज दिए थे. पुलिस ने धर्मवीर की तलाश में छापेमारी की, लेकिन वह फरार है.


आरोपी गार्ड मंदीप ने दो दिन ली थी छुट्टी

ऑनलाइन शॉपिंग सेंटर में चोरी की घटना के बाद जांच के दौरान पुलिस को कई सुराग हाथ लगे. पुलिस को वहां के गार्ड पर शक हुआ. गार्ड मंदीप को रडार पर लेने पर पूरे मामले का सच सामने आ गया. पुलिस ने मंदीप के मोबाइल नंबर का कॉल डंप निकाला तो वह घटना के समय मिंत्रा कार्यालय के आसपास नजर आ रहा था. इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने पूरी बात बता दी, इसके बाद चोरी का प्लान बनाने वाले सोनू को भी गिरफ्तार किया गया. सोनू ने बताया कि उसने पैसे के लालच में चोरी की योजना बनाई. मंदीप ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मिंत्रा सेंटर से सिर्फ 12 लाख रुपए ही चोरी की थी. जबकि कंपनी वालों ने 14 लाख रुपए चोरी होने की गलत एफआइआर दर्ज करवाई है.


डोरंडा बाजार से खरीदा था मास्क व चादर

चोरी की योजना बनाने के दौरान उन्होंने सीसीटीवी कैमरे को ध्यान में रखा. पकड़े जाने और पहचाने जाने का डर था. इसका हल सोनू ने बताया. इसके बाद दोनों ने डोरंडा बाजार से मास्क और चादर खरीदा. रात में कार्यालय पहुंचकर दरवाजा में लगे ताले को काटकर नाले में फेंक दिया. अंदर जाने पर सोनू और मंदीप ने मास्क पहन लिया और चादर से अपना शरीर ढक लिया. मंदीप को जानकारी थी कि किस ड्रावर में पैसे रखे गए हैं, लेकिन जब उन्होंने ड्रावर खोला तो उसमें मात्र 500 रुपए थे. लेकिन ऑफिस के अलमीरा की चाबी पड़ी हुई थी, उस चाबी से जब दोनों ने अलमीरा खोला तो उन्हें रुपए मिल गए. पैसे चोरी कर दोनों फरार हो गए, जिसके बाद मंदीप लगातार ऑफिस भी आने लगा. दोनों ने पैसों का बंटवारा कर लिया, लेकिन पकड़े जाने के डर से दोनों ने पैसे को अपने रिश्तेदारों के पास भेज दिया.

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