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ALLAHABAD: धूमनगंज थाना क्षेत्र के रम्मन का पुरवा मोहल्ला निवासी रिटायर्ड बीएसएनएल ऑफिसर लालचंद्र सोमवार की रात छोटी बेटी को लेकर डॉक्टर को दिखाने निकले थे. डॉक्टर को दिखाकर घर पहुंचे और कमरे का दरवाजा खोला तो सामने 32 वर्षीय बेटी अमृता की लाश फांसी के फंदे से लटक रही थी. उसने यह कदम क्यों उठाया, पुलिस इसकी जांच कर रही है. फिलहाल कहा जा रहा है कि अमृता बीमारी और तनाव से परेशान थीं.

परिवार में थीं पांच बेटियां

रम्मन का पुरवा निवासी लालचंद्र बीएसएनएल में एसडीओ के पद से कुछ साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं. पत्नी की मौत हो चुकी है. परिवार में पांच बेटियां थीं, जिनमें दो की शादी हो चुकी है. 32 वर्षीय बेटी अमृता के साथ दो अन्य बेटियां घर पर रहती हैं. चौथी बेटी अमृता ने शादी नहीं की थी. सोमवार रात छोटी बेटी की तबियत खराब हुई तो लालचंद्र उसे लेकर डॉक्टर के पास गए. इस बीच अमृता दुपट्टे का फंदा बनाकर पंखे के चुल्ले से झूल गई. लालचंद्र घर पहुंचे तो बेटी की लाश फांसी के फंदे से लटक रही थी. आस-पास के लोगों की मदद से शव को फंदे से उतारकर डॉक्टर के पास ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई थी.