-बीटीसी 2015 की चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा निरस्त होने से नाराज प्रशिक्षुओं के उपर पुलिस ने की पानी की बौछार

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GORAKHPUR: एक तरफ जहां शारदीय नवारात्रि के पहले दिन कलश स्थापना कर लोग पूजा पाठ करते नजर आए. वहीं, बीटीसी 2015 चतुर्थ सेमेस्टर के निरस्त परीक्षा को एक सप्ताह के भीतर फिर से कराने और नवंबर में प्रस्तावित टीईटी परीक्षा की तिथि एक महीने बढ़ाने की मांग को लेकर जुलूस की शक्ल में गोरखनाथ जा रही महिला प्रशिक्षुओं पर पुलिस ने जमकर पानी की बौछार की. फायर बिग्रेड की एक गाड़ी का पानी समाप्त होने तक महिला प्रशिक्षु टस से मस तक नहीं हुईं तो पुलिस को बातचीत की सुध आई. करीब 45 मिनट की वार्ता के बाद छह छात्र-छात्राओं के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से मिलवाने के आश्वासन पर बात बनी. डायट की एक प्रशिक्षु पिंगला कन्नौजिया के पैर में चोट भी आई है. बिना बातचीत के ही पानी की बौछार करने से महिला प्रशिक्षुओं में काफी नाराजगी रही.

पेपर लीक होने के बाद हो गया निरस्त
बीटीसी 2015 की चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा आठ से 10 अक्टूबर तक होनी थी. पहले दिन का पेपर होने के समय की सोशल मीडिया पर सभी आठ प्रश्नपत्र लीक हो गए. देर रार सचिव, परीक्षा नियंत्रक प्राधिकारी इलाहाबाद ने परीक्षा को निरस्त कर दिया. अगली तिथि की घोषणा नहीं हो सकी है. नौ अक्टूबर को ही प्रशिक्षुओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया था. आश्वासन मिलने के बाद वे वापस चले गए, लेकिन बुधवार सुबह वे डायट कार्यालय पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और प्राचार्य से मिले. परीक्षा के सम्बंध में कोई निर्णय न होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बना ली. इनमें डायट के साथ निजी बीटीसी कालेजों के प्रश्ि1ाक्षु भी थे.

भारी संख्या में प्रशिक्षुओं को देखकर पुलिस के उड़ गए होश
डायट से निकलकर शास्त्री चौक पहुंचने तक प्रशिक्षुओं का पुलिस से सामना नहीं हुआ. शास्त्री चौक पर उनकी संख्या देखकर पुलिस के होश उड़ गए. उन्हें धर्मशाला पर रोकने की योजना बनी. एडीएम सिटी और एसपी सिटी के नेतृत्व में पुलिस फोर्स वहां पहुंच गई. फायर बिग्रेड की गाडि़यां मंगा ली गई. तैयारी देखकर स्पष्ट था कि पुलिस बात करने के मूड में नहीं है. लुलोस को देखकर नक्को बाबा मजार से ही प्रशिक्षु सुमेर सागर की ओर मुड़ गए, ओर तेजी दिखाते हुए पुलिस ने उन्हें दौड़ाया. पुरुष प्रशिक्षु भाग गए, लेकिन महिलाएं डंटी रहीं. एसपी सिटी आदेश पर बौछार शुरू हो गई. पुरुष प्रशिक्षु बल प्रयोग के डर से तितर बितर हो गए, लेकिन पानी की बौछार के आगे महिलाएं जमी रहीं. बिना बात किए कार्रवाई शुरू करने से वे काफी आक्रोशित थीं.

प्रशिक्षुओं को छोड़ा गया महिला थाने से
पानी की बौछार के बाद भी जब महिला प्रशिक्षु नहीं हटी तो पुलिस ने बातचीत का सहारा लो, बातचीत के दौरान मुकदमा दर्ज करने, गिरफ्तार करने का भय भो दिखाया गया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ. काफी देर मान मनौव्वल के बाद प्रतिनिधि मंडल को मुख्यमंत्री से मिलबने पर सहमति बनी. कुछ महिला प्रशिक्षुओं को महिला थाने लाया गया, जहां से उन्हें थोड़ी देर बाद छोड़ा गया.