-मिनी सदन में प्रस्तुत हुआ बजट 2016-2017 लेकिन पास होना तो दूर चर्चा भी नहीं हो सकी

-पिछली बैठकों के पास हुए प्रस्तावों का हश्र जानने पर अड़े पार्षद

-सीवर, पेयजल व सफाई बना मुद्दा, बजट की अगली बैठक 21 मार्च को

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VARANASI

नगर निगम मिनी सदन की बैठक सोमवार को बुलायी तो गयी थी बजट के लिए लेकिन में इसमें बजट पर चर्चा तक नहीं हो सकी. पार्षदों ने बजट से पहले शहर से समस्याओं से जुड़े कई सवाल उठाये जिनका जवाब उन्हें नहीं मिल सका. इसके चलते शोर-शराबा भी हुआ. मिनी सदन की अगली बैठक ख्क् मार्च को होगी. इसमें बजट पर चर्चा के साथ पास कराने की कवायद होगी.

बैठक शुरू होते उठा शोर

सदन की बैठक दोपहर क्ख् बजे से शुरू हुई. सदन में मूल बजट ख्0क्म्-क्7 के साथ जलकल का बजट पेश होना था. इसकी कॉपी भी पार्षदों को उपलब्ध करा दी गयी लेकिन पार्षदों ने सवाल उठाया कि पिछली बैठकों के पास प्रस्ताव में कितनों प्रस्ताव पर अमल हुआ और कितने पेंडिंग हैं. पार्षदों ने कहा कि जब तक यह जवाब नहीं मिलता तब तक बजट पर चर्चा नहीं होगी. पार्षदों ने नगर निगम, जलकल के अधिकारियों पर सवालों की बौछार की जिसका जबाव वह नहीं दे सके.

फोन न उठाने का मुद्दा गरमाया

पार्षद राजेश यादव उर्फ चिल्लू और ओम प्रकाश चौरसिया ने कहा कि नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही किसी का फोन नही उठाते है. इसके बाद पूरा सदन फोन न उठाने के आरोप पर एक मत हो गया. इसपर लंबी बहस चली. अपने जवाब में नगर आयुक्त ने मीटिंग, ट्रेनिंग की व्यवस्तता बताते हुए पल्ला झाड़ लिया. सदन में मौजूद विधायक रविंद्र जायसवाल ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार कई योजनाएं काशी में चल रही है. लेकिन काशी का विकास तभी होगा जब उसके क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्लानिंग की जाए. उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति व हृदय योजना की डीपीआर पर भी पार्षदों की राय व सुझाव लेने की बात कही.