>-- यूपी रेरा में अन रजिस्टर्ड बिल्डिंग्स की लिस्ट मांगी, बिल्डर्स व केडीए एनफोर्समेंट टीम में दहशत

-- गलत जानकारी देने और बाद में अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की शिकायत मिलने पर गिर सकती है गाज

KANPUR: रियल इस्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी ने अपना घेरा सख्त कर दिया है. रेरा के दायरे में आने के बावजूद अभी तक रजिस्टर्ड नहीं कराए गए प्रोजेक्ट्स (मल्टीस्टोरी) की जांच शुरू करा दी है. इससे अवैध रूप से बिल्डिंग बनाने वाले बिल्डर्स के साथ केडीए की एनफोर्समेंट टीम में अफरातफरी मच गई है. इससे एनफोर्समेंट टीम को अपनी गर्दन फंसती नजर आ रही है. क्योंकि अगर इन अवैध बिल्डिंग की शिकायत रेरा तक पहुंची तो बिल्डर के साथ संबंधित एनफोर्समेंट टीम भी फंसेगी.

केवल 91 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड

पिछले वर्ष यूपी-रेरा पोर्टल चालू हुआ था. इसमें 500 स्क्वॉयर मीटर या 8 फ्लैट से अधिक के अपार्टमेंट का रजिस्ट्रेशन कराना कम्प्लसरी हैं. पर एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक केवल 91 हाउसिंग आदि प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन कराया गया है. इनमें से दो दर्जन से अधिक प्रोजेक्ट केडीए, आवास विकास परिषद के हैं.

अवैध रूप से तन रहे मिनी अपार्टमेंट

रेरा ने 8 फ्लैट से अधिक के अपार्टमेंट्स का रजिस्ट्रेशन कम्प्लसरी किया हुआ है. बावजूद इसके सिटी में धड़ल्ले से अवैध रूप से मिनी अपार्टमेंट बनाए जा रहे हैं. जो कि 4 से 6 मंजिल तक के हैं. इनमें फ्लैट की संख्या भी 16 से 24 तक है. बावजूद इसके इनका रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है. इसकी बड़ी वजह केडीए एनफोर्समेंट टीम की मिलीभगत है. आमतौर पर इनका मैप यूनिट हाउस के रूप में पास कराया जाता है. फिर मिनी अपार्टमेंट तान कर फ्लैट बेंच देते हैं. एनफोर्समेंट की मेहरबानी के कारण कई फ्लोर एकस्ट्रा तक बना लिए जाते हैं. ऐसी बिल्डिंग

हां तान दी गई बिल्डिंग्स

किदवई नगर, साकेत नगर, जूही गौशाला,

निराला नगर , गोविन्द नगर, काकादेव, दबौली,

रतनलाल नगर, श्याम नगर, जीटी रोड रामादेवी,

आजाद नगर, चमनगंज, बासमंडी, इफ्तिखाराबाद रोड,

कल्याणपुर, आजाद नगर

एनफोर्समेंट टीम को जिम्मेदारी

यूपी रेरा के अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स की जानकारी मांगे जाने से वैसे ही केडीए एनफोर्समेंट टीम में अफरातफरी मची थी है. क्योंकि शायद ही ऐसा कोई मिनी अपार्टमेंट हो जो उनकी मेहरबानी से न तन रहा हो. अब जोनवाइज एनफोर्समेंट टीम को जांच कर अपने एरिया अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की लिस्ट तैयार करने को कहा गया है. इससे वह हलकान है कहीं गलत जानकारी देने और ऐसे प्रोजेक्ट की रेरा में शिकायत होने पर वह फंस न जाएं.

-- रेरा ने अनरजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स की जानकारी मांगी है. एनफोर्समेंट टीम को यूपी रेरा में रजिस्टर्ड सभी 91 रेजीडेंशियल व कामार्शियल प्रोजेक्ट्स की लिस्ट उपलब्ध करा दी गई है. जिससे उन्हें अन रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स को तलाशने में आसानी रहे. -- एसके नागर, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर केडीए