दौराला महायोजना में लैंडयूज परिवर्तित कराए बिना बना दी कॉलोनी

एमडीए के एक दर्जन अधिकारी और कर्मचारी दोषी, शासन को रिपोर्ट

MEERUT : 'खिलाडियों' का खेल उजागर होने के बाद अब सरकार ने कार्रवाई को लेकर शिकंजा कस दिया है। दौराला महायोजना में लैंडयूज परिवर्तित कराए बिना 16 आवासीय कॉलोनियां विकसित हो गई तो वहीं सैकड़ों अवैध निर्माण खड़े कर दिए गए। करीब 10 साल तक चले इस खेल में बिल्डर्स ने प्राधिकरण के अधिकारियों-कर्मचारियों ने सांठगांठ कर यह भ्रष्टाचार का खेल करीब 10 साल तक खेला। खेल से परदा हटने पर शासन ने बिल्डर्स पर शिकंजा कस दिया है तो वहीं एमडीए से दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों की कुंडली तलब कर ली है।

नहीं बदला लैंडयूज

2005 से लेकर 2015 तक मेरठ की सीमा का विस्तार हुआ तो वहीं एनएच-58 पर तेजी से शहरीकरण होने लगा। मेरठ से सटे मोदीपुरम-पल्लवपुरम एरिया को एमडीए ने विकसित किया तो वहीं प्रस्तावित दौराला महायोजना क्षेत्र में बिल्डर्स ने जड़ें जमा लीं। यहां भू-राजस्व में 'एग्रीकल्चर' में दर्ज जमीन को भू-परिवर्तन (लैंडयूज) चेंज कराए बिना बिल्डर्स ने कॉलोनियों के अवैध नक्शों को एमडीए से पास कराना शुरू कर दिया। कानूनन, जबकि एग्रीकल्चर लैंड का लैंडयूज चेंज कराकर इसे रेजीडेंशियल में दर्ज कराने के बाद ही प्राधिकरण नक्शों को एप्रूव कर सकता था। करीब 10 साल तक यह खेल चला और बिल्डर्स ने 16 अवैध कॉलोनियों के सैकड़ों निर्माणों यथास्थिति को छिपाकर पास करा लिए।

अधिकारियों की मिलीभगत

खेल से परदा उठा तो खिलाड़ी बेनकाब हो गए। करीब 3 साल पहले शासन ने प्रकरण को संज्ञान में लेकर प्रस्तावित दौराला महायोजना में नक्शों के एप्रूवल पर रोक लगा दी। प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण के निर्देश पर भ्रष्टाचार की परतों को उकेरा गया तो सूत्रधार एमडीए के अपने ही निकले। तत्कालीन चीफ टाउन प्लानर, टाउन प्लानर, मानचित्र प्रभारी, एमडीए के अधिकारी और कर्मचारी की मिलीभगत उजागर हुई। मोटी रकम लेकर तत्कालीन अधिकारियों ने नियमों को अनदेखा कर गु्रप हाउसिंग को अनुमति दी गई। जांच के बाद शासन ने करीब एक दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों की कुंडली एमडीए के नियोजन विभाग से तलब कर ली है।

होगी 200 करोड़ की वसूली

प्रमुख सचिव के निर्देश पर दौराला महायोजना में तथ्यों को छिपाकर बनी 16 अवैध कॉलोनियों से एमडीए करीब 200 करोड़ रुपये की वसूली करेगा। शासन ने इन अवैध ग्रुप हाउसिंग का लैंडयूज चेंज करने और तत्कालीन सर्किल रेट्स के मुताबिक डेवलेपमेंट चार्ज वसूलने के आदेश दिए हैं। बिल्डर्स से इस रकम पर ब्याज भी प्राधिकरण वसूलेगा। एमडीए सचिव राजकुमार ने बिल्डर्स के खिलाफ नोटिस जारी करने में हीलाहवाली पर एटीपी गोर्की को तलब किया और एक सप्ताह में नोटिस जारी कर वसूली की प्रक्रिया आरंभ करने के निर्देश दिए हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि बड़ी वसूली की जानकारी पर बिल्डर्स ने एक बार फिर बचाव के लिए हाथ-पांव मारना शुरू कर दिया है।

इनसेट

अब पास होंगे नक्शे

मेरठ: दौराला महायोजना-2021 को शासन से मंजूरी मिल गई है। अब इन कालोनियों का भू-उपयोग परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया है। महायोजना को स्वीकृति के लिए एमडीए की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इस भूमि का भू-उपयोग कृषि से बदलकर आवसीय और व्यावसायिक किया जाएगा। आगामी बोर्ड बैठक में शासन की अनुमति के साथ मंजूरी के लिए मसौदे को रखा जाएगा। एक बार बोर्ड मंजूरी मिलने के बाद दौराला महायोजना परिक्षेत्र में निर्माणों के नक्शों को पास किया जा सकेगा।

---

दौराला महायोजना में करीब 16 गु्रप हाउसिंग लैंडयूज को परिवर्तित किए बिना बना दिए गए। सैकड़ों अवैध निर्माण खड़े हो गए है। शासन के निर्देशन में लैंडयूज चेंज करके इन बिल्डर्स से अतिरिक्त डेवलेपमेंट चार्ज वसूला जाएगा।

-राजकुमार, सचिव, एमडीए