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LUCKNOW: आयोग ने यह नोटिस घटना को लेकर आई मीडिया रिपोर्ट्स का संज्ञान लेकर जारी की है। आयोग ने यह भी बताने को कहा है कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गयी और पीडि़तों को राहत देने के लिए क्या कवायद की गयी है। आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि इस मामले में प्रशासनिक तंत्र हालात की गंभीरता को भांपने में नाकाम साबित हुआ। यहां तक पुलिसकर्मी भी सुरक्षित भीड़ के हमले से सुरक्षित नहीं रह गये। आयोग ने कहा कि सरकार की पहली जिम्मेदारी सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और लोगों के जीवन को बचाने की है। आयोग ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार द्वारा इस मामले में ऐसे कदम उठाए जाएंगे जिससे भविष्य में कोई इस तरह कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।

सरकार की गलत नीतियों से हालात बेकाबू : मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने बुलंदशहर हिंसा को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। सख्त कदम उठाने में नाकाम रहने से जंगलराज कायम है। उन्होंने कहा कि बुलंदशहर ङ्क्षहसा में मारे गए लोगों के परिवारीजन को अनुग्रह राशि देना ही काफी न होगा, बल्कि हिंसा के दोषियों को सख्त सजा भी समय पर दिलाना होगा ताकि लोगों को महसूस हो सके कि प्रदेश में कोई सरकार भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अराजकता करने वालों को संरक्षण दे रही है। घटना में इंस्पेक्टर व एक अन्य युवक की मौत पर दुख जताते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अब वक्त आ गया कि प्रदेश को भीड़तंत्र की हिंसा और अराजकता की भेंट चढऩे से रोका जाए। उन्होंने राजधानी में भाजयुमो नेता प्रत्यूषमणि त्रिपाठी की हत्या पर अफसोस जताते हुए कहा कि भाजपा के भीड़तंत्र की हिंसक प्रवृत्ति का शिकार अब स्वयं भाजपा कार्यकर्ता भी होने लगे हैं।  

देश-दुनिया में हो रही यूपी की बदनामी : सपा

वहीं दूसरी ओर सपा के राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश अराजकता की आग में झुलस रहा है जबकि पूरी सरकार दूसरे राज्यों में भाजपा के लिए वोट मांगने में व्यस्त है। प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रदेश में अपराधों में वृद्धि से देश-दुनिया में बदनामी हो रही है। निवेशक भाग रहे हैं। लोग अपने को असुरक्षित और असहाय समझ रहे हैं। कानून व्यवस्था बुरी तरह ध्वस्त है। अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि वह पुलिस पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे। बुलंदशहर में इंस्पेक्टर की हत्या से स्पष्ट है कि भाजपा सरकार की कोई प्रतिष्ठा नहीं रह गई है। पुलिस का मनोबल बुरी तरह गिर गया है। प्रदेश अपराधियों, अराजकतत्वों का चारागाह बन रहा है। सांप्रदायिक तत्वों के उभार से हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। अफवाहों पर 'मॉब लिंचिंगÓ की घटनाएं हो रही हैं।

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