- मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन में शामिल होने लखनऊ गए संविदा कर्मचारी

- कर्मचारियों की कमी से खड़ी रही बसें, पैसेंजर हुए परेशान

GORAKHPUR: रोडवेज के संविदा कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन में शामिल होने लखनऊ चले जाने के चलते पैसेंजर्स के सामने परेशानी खड़ी हो गई. कर्मचारी धरना-प्रदर्शन में शामिल होने सोमवार की रात ही लखनऊ चले गए. जिस कारण मंगलवार सुबह से ही यहां बस अड्डों पर बसों का अकाल पड़ गया. कंडक्टर्स की कमी की वजह से अधिकांश अनुबंधित बसें खड़ी रहीं. इस बीच पैसेंजर्स को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इनमें सबसे अधिक परेशानी देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज व सिद्धार्थनगर जाने वाले पैसेंजर्स को हुई. हालांकि इस बीच निगम की बसों का संचालन लगातार होता रहा. जिससे दिन में तो कुछ राहत रही, लेकिन शाम के बाद स्थिति खराब हो गई. बसों के लिए मारामारी का सिलसिला बस अड्डों पर देर रात तक जारी रहा.

डग्गामारों की रही मौज

इस बीच रोडवेज अधिकारियों ने निगम की बसों का संचालन लगातार जारी रखा, लेकिन संविदा कर्मचारियों की कमी के चलते डिपो पर अधिकांश बसें खड़ी ही रहीं. जिससे रोडवेज बस स्टेशन पर एक साथ काफी अधिक संख्या में पैसेंजर्स जमा हो गए. इससे बसों में सीट पाने और जल्दी पहुंचने के लिए रोडवेज स्टेशन पर पैसेंजर्स के बीच मारामारी होने लगी. मंगलवार को पूरे दिन रोडवेज बस स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. वहीं इस हड़ताल का डग्गामार बसों व टैक्सियों ने खूब फायदा उठाया. ऐसे पैसेंजर्स जो हर रोज अपने काम के लिए लिए शहर से बाहर जाते हैं, उन्हें बसों की कमी के चलते मजबूरन डग्गामारों का सहारा लेना पड़ा. सुबह से ही करीब दो दर्जन से अधिक डग्गामार बसें रोडवेज बस स्टेशन पर लग गई थीं. वहीं पूरे दिन मोहद्दीपुर रोड पर भी डग्गामार बसों के लिए सवारियों का जमावाड़ा लगा रहा.

कोट्स

दो घंटे से देवरिया के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन एक भी बस नहीं आ रही है. अगर कोई बस आई भी तो उसमें इतने लोग जा नहीं सकते. बसों के बैठने के लिए मारामारी हो रही है.

- देवीलाल, पैसेंजर

सलेमपुर जाना है. पता चला कि एक बस जानी है तो हम लोग गेट के बाहर लाइन लगाए खड़े थे, लेकिन बस का गेट खुलते ही लोग एक-दूसरे को धक्का देकर चढ़ने लगे. मेरे साथ परिवार है जिसकी वजह से मैं नहीं चढ़ सका और बस भी चली गई.

- सांभर यादव, पैसेंजर

वर्जन

कर्मचारियों की कमी की वजह से बसों के संचालन में थोड़ी दिक्कतें जरूर आई हैं, लेकिन बसों का संचालन लगातार जारी रहा. रेग्युलर कर्मचारियों के जरिए लगातार बसें चलती रहीं ताकि पैसेंजर्स को किसी तरह की दिकक्तें न हो.

- एसके राय, आरएम रोडवेज