- यूपी रोडवेज के गोरखपुर डिपो में आठ दिन से पानी न आने से यात्रियों के सूख रहे हलक

- पानी नहीं आने की समस्या को लेकर यात्रियों ने यूपी रोडवेज समेत जिले के अधिकारियों से की शिकायत

GORAKHPUR:

रोडवेज बस में सफर करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा का दावा करने वाली यूपी रोडवेज अपने ही दावे में खोखला साबित होती हुई नजर आ रही है. इस तपती गर्मी में लोगों का जीना दुभर हो गया है. वहीं गोरखपुर बस स्टेशन पर पिछले आठ दिनों से पानी ही नहीं आ रहा है. आलम यह है कि यात्रियों को मजबूरन पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है. जबकि यात्रियों से रोडवेज यात्री सुविधा कर लेकर मोटी कमाई करता है.

ओवर हेड टैंक को ठीक कराने में लग गए आठ दिन

बता दें, गोरखपुर डिपो के वर्कशाप में ओवर हेड टैंक लगाया गया है. लेकिन ओवर हेड टैंक में पानी भरने वाले मोटर के जल जाने से उसे पिछले एक हफ्ते से डिपो प्रबंधन रिपेयरिंग नहीं करवा सका. बताया जा रहा है कि डिपो प्रबंधन के उदासीन रवैये के कारण यह समस्या अक्सर बनी रहती है. जब भी पानी की समस्या होती है तो डिपो प्रबंधन के खिलाफ जब तक शिकायत यूपी रोडवेज के उच्च अधिकारियों या फिर जिला प्रशासन अधिकारियों तक नहीं जाती तब तक इस समस्या का समाधान नहीं किया जाता है.

15 हजार से उपर यात्रियों का आवागमन

गोरखपुर डिपो चूंकि ए ग्रेड स्टेशन के श्रेणी में आता है. यहां से 30 से ज्यादा एसी बसे और 1150 से ज्यादा साधारण बसों का रोजाना संचालन होता है. करीब 15 हजार से ऊपर यात्री यहां से बस पकड़ने आते हैं, समर वैकेशन शुरू होने के कारण यात्रियों की बस स्टेशन पर जबदस्त भीड़ भी है. लेकिन ऐसे में बस स्टेशन पर पिछले आठ दिनों से पानी का न आना कहीं न कहीं अधिकारियों के उदासीन रवैये को परिचय देता हुआ नजर आ रहा है.

सुविधा कर वसूल कर भूल जाते सुविधा देना

यूपी रोडवेज के गोरखपुर डिपो प्रबंधन केवल यात्री सुविधा कर के मद में करीब 5.5 लाख से ऊपर रकम कमाई करता है. लेकिन यात्री सुविधा के नाम पर न तो पानी की कोई व्यवस्था देता है और ना ही एसी में बैठने वाले यात्रियों को वेटिंग रूम का. जबकि मुख्यमंत्री का जिला होने के कारण मुख्यालय से अधिकारियों का बराबर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग कर निर्माण कार्य का जायजा लिया जाता है.