- गोरखपुर के बस स्टेशनों की बदलेगी सूरत, हाईटेक होने के साथ ही धर्म व पर्यटन की झलक भी बिखेरेंगे बस अड्डे

- परिवहन निगम के निदेशक मंडल की बैठक में फैसला, लखनऊ की जनरथ बसों का किराया भी घटा

GORAKHPUR: गोरखपुर रोडवेज के बस अड्डे हाईटेक होने के साथ ही अब धर्म और पर्यटन की तस्वीर भी पेश करेंगे. यहां के तीन बस अड्डों को हाईटेक करने के साथ ही इनका निर्माण धार्मिक व पर्यटन की दृष्टि से भी करने की योजना बनी है. परिवहन निगम के निदेशक मंडल की बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक प्रदेश के तीर्थ व पर्यटन स्थलों के बस अड्डों को पुर्नविकसित किया जाएगा. जिसमें गोरखपुर के तीन बस अड्डे भी शामिल हैं. साथ ही इस दौरान एसी जनरथ बसों के किराए में कमी करने के प्रपोजल पर भी मुहर लगी. बैठक में ये भी तय हुआ कि सफर के दौरान बस एक्सीडेंट में घायल होने पर यात्रियों को प्रबंध निदेशक स्तर से ढाई लाख तक मुआवजा दिया जाएगा.

अब बदलेगी बस अड्डों की सूरत

बता दें, गोरखपुर में तीन बस अड्डों गोरखपुर डिपो, राप्तीनगर डिपो और नौसड़ डिपो के कायाकल्प के लिए शासन को भेजे गए प्रस्ताव पर मुहर काफी पहले ही लग चुकी है. साथ ही राप्तीनगर और नौसड़ डिपो के लिए बजट भी स्वीकृत किया जा चुका है. लेकिन गोरखपुर डिपो का प्रस्तावित बजट करीब 23 करोड़ रुपए होने की वजह से इसे अभी स्वीकृत नहीं किया जा सका था. अब सीएम का शहर और गोरखनाथ मंदिर के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल होने के बाद यहां के बस अड्डों को लेकर योजना आगे बढ़ी है. जिसके मुताबिक यहां के तीन बस अड्डों का पुन:निर्माण होगा जिसमें धार्मिक स्थल की झलक दिखेगी. निदेशक मंडल की बैठक में मुहर लगने के बाद अब जल्द ही इसके लिए बजट भी मिलने की उम्मीद जग गई है.

गोरखपुर-लखनऊ सफर होगा सस्ता

रोडवेज एमडी पी गुरु प्रसाद ने बताया कि निदेशक मंडल ने तीर्थ सर्किट के गोरखपुर सहित चित्रकूटधाम, मथुरा और नैमिषारण्य के बस अड्डों के पुन:निर्माण की स्वीकृति दी है. बजट का भी प्रावधान कर दिया गया है. साथ ही अयोध्या, फैजाबाद, वाराणसी, विन्ध्याचल, कुशीनगर, गोला गोकर्णनाथ व देवा शरीफ में भी आधुनिक बस स्टेशन बनाने की भी योजना है. बैठक में लखनऊ-गोरखपुर बस सेवा के किराए में छूट पर भी निर्णय हुआ. जिसके मुताबिक लखनऊ से गोरखपुर के लिए चलने वाली जनरथ बस टू बाई टू में 555 की जगह 510 व टू बाई थ्री बसों में 452 की जगह 439 रुपए ही किराया देना पड़ेगा.

घायलों को मिलेगी मदद

परिवहन निगम के निदेशक मंडल की बैठक में ये भी तय हुआ है कि बसों में सफर के दौरान एक्सीडेंट होने पर घायलों को इलाज के लिए ढाई लाख तक की मदद दी जाएगी. हालांकि चार्टर्ड बुकिंग व नगरीय बस में यात्रा करने वालों को यह सुविधा नहीं मिलेगी. इसके अलावा रात्रिकालीन संचालन को बेहतर बनाने के लिए बस अड्डों पर हाईमास्ट लाइटें भी लगाई जाएंगी.

यह होंगी बस स्टेशन पर सुविधाएं

- पूरी बिल्डिंग तोड़कर बनाई जाएगी नई बिल्डिंग.

- वर्कशॉप का एरिया भी अब डिपो में मिला लिया जाएगा.

- रीजनल वर्कशॉप में शिफ्ट हो जाएगी वर्कशॉप.

- राप्तीनगर में शिफ्ट होगी रीजनल वर्कशॉप.

- आधुनिक सीट व बेंच की भी होगी व्यवस्था.

- महिला, पुरुष सहित दिव्यांगों के लिए भी बनेंगे टॉयलेट.

- कैंपस में ही होगा कैफेटेरिया सहित कई रेस्टोरेंट.

- डिपो के अंदर ही बनेगा मार्केट, मिलेगा बेहतर खानपान.

- मेटल डिटेक्टर से लेकर सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी.

- कैंपस में ही बनेगा सिक्योरिटी कंट्रोल रूम, तैनात होंगे कर्मचारी.

वर्जन

तीनों बस डिपो के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है. राप्तीनगर और नौसड़ के लिए बजट मिल भी गया है. मुख्यालय के निर्देशों के मुताबिक ही बस अड्डों का निर्माण कराया जाएगा. खासकर गोरखपुर डिपो को तो पूरी तरह हाईटेक बस स्टेशन बनाने की तैयारी है. इससे पैसेंजर्स को तो सुविधा मिलेगी ही. बसों को भी सड़कों पर खड़ा नहीं करना पड़ेगा.

- एसके राय, आरएम रोडवेज