आगरा। किरावली से बुधवार दोपहर तकादा करने निकले कारोबारी का शव देर रात शाहगंज के पथौली में सड़क किनारे मिला। उसके शरीर पर चोटों के निशान होने के चलते परिजनों ने हत्या की साजिश की आशंका जताई। जबकि पुलिस सड़क हादसे में मौत बता रही है।

किरावली कस्बा स्थित गल्ला मंडी निवासी 36 वर्षीय रविंद्र सिंह जूतों के पुराने सोल का कारोबार करते थे। उन्हें खरीदने के बाद विभिन्न फैक्ट्रियों में बेचते थे। परिजनों के अनुसार बुधवार सुबह वह घर से लोहामंडी तकादा करने की कहकर निकले थे। बुधवार की देर रात रविंद्र का शव पथौली में फतेहपुर सीकरी मार्ग पर मिला। परिजनों का कहना था कि रविंद्र की साजिश के तहत हत्या की गई है। उसके सिर और गले पर चोटों के निशान और पैर की हड्डी टूटी थी। उसके पास से सिर्फ 54 हजार रुपये ही मिले। जबकि उसने बाजार में कई लोगों से तकादा वसूला था।

उधर, पुलिस का कहना है कि रविंद्र की मौत सड़क हादसे में हुई। प्रत्यक्षदर्शी की सूचना पर वह मौके पर गई थी। रविंद्र को तत्काल एंबुलेंस से एसएन इमरजेंसी भेजा। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में रविंद्र का साथी फिरोज भी घायल हो गया। वह भी एसएन इमरजेंसी में भर्ती हुआ था। पूछताछ करने पर उसने बताया कि बाइक में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। इंस्पेक्टर शाहगंज राजेश्वर प्रसाद त्यागी के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हादसे में मौत होना बताई गई है।

परिवार में नहीं बचा कोई पुरुष, चार विधवा

रविंद्र की मौत के बाद परिवार में कोई पुरुष और कमाने वाला नहीं बचा है। रिश्तेदारों ने बताया वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े तीनों भाइयों की मौत हो चुकी है। मां समेत तीन विधवाओं की जिम्मेदारी उस पर थी। बड़े भाई राकेश की सड़क हादसे में जबकि उससे छोटे पप्पू की करंट से मौत हो गई थी। तीसरे नंबर के भाई प्रमोद की बीमारी से शादी के एक साल बाद ही मौत हो गई। राकेश की विधवा गुड्डी और पप्पू की सुनीता और उनके बच्चों की जिम्मेदारी वह उठा रहा था। मां और पत्नी को रविंद्र की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।