नहीं रुकेगा बेगमपुल फ्लाईओवर का निर्माण, कमिश्नर के साफ संकेत

व्यापारियों की पैरवी में आए सांसद ने कमिश्नर से की वार्ता

आज मौका मुआयना करेगी 9 सदस्यीय संयुक्त समिति

Meerut. बेगमपुल पर फ्लाईओवर को कारोबारियों ने बेफिजूल करार दिया तो कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार ने सांसद राजेंद्र अग्रवाल के समक्ष दो टूक कहा कि शहर के विकास के लिए फ्लाईओवर का निर्माण बेहद आवश्यक है. मंशा कारोबारियों के कारोबार को ठप करना नहीं बल्कि जनता को बेगमपुल क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से निजात दिलाना है. करीब डेढ़ घंटे की मीटिंग के बाद तय हुआ कि एक 9 सदस्यीय कमेटी बुधवार को फ्लाईओवर को लेकर मौका मुआयना करेगी.

बाजार बंद, जमकर हंगामा

बेगमपुल क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर के निर्माण के विरोध में मंगलवार को संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता के नेतृत्व में कारोबारियों ने बाजार बंदकर सड़क जाम की. साथ ही कमिश्नर के खिलाफ नारेबाजी की.

पैरवी में पहुंचे सांसद

मेरठ के कारोबारियों की पैरवी में पहुंचे सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी कमिश्नरी में आयोजित मीटिंग में शामिल हुए. मीटिंग में सांसद ने कमिश्नर से कहा कि कागजों में बेशक सोतीगंज चौराहे के समीप सड़क की चौड़ाई 80 फीट हो किंतु मौके पर 57 फीट ही है, ऐसे में बाकी की जमीन को कहां से लाया जाएगा. इस पर कमिश्नर ने कहा कि एनएचएआई को सड़क की पैमाइश सौंपी गई है, सड़क के जिस हिस्से पर अतिक्रमण होगा उसे हटाया जाएगा.

संयुक्त समिति हुई गठित

कमिश्नरी सभागार में करीब डेढ़ घंटे चली मीटिंग में कमिश्नर और सांसद की मौजूदगी में तय हुआ कि बुधवार को एक संयुक्त समिति मौका मुआयना कर रिपोर्ट कमिश्नर को सौपेंगी. कमेटी में 5 कारोबारी नेताओं के अलावा विभिन्न विभागों के 4 अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.

ये होंगे समिति में

जे. नरसिम्हा रेड्डी-एमडीए के टाउन प्लानर

दुर्गेश श्रीवास्तव-एमडीए के चीफ इंजीनियर

आशेष श्रीवास्तव-चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम

ज्ञान गुप्ता-क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई के अलावा संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, उपाध्यक्ष अरुण वरिष्ठ, मुकुल सिंघल, रतन सहगल और सतपाल भाटिया 9 सदस्य शामिल होंगे. समिति में बाहरी आर्कीटेक्चर को शामिल करने की कारोबारी नेताओं की मांग को कमिश्नर ने ठुकरा दिया.

ये रहे मौजूद

बैठक में एमडीए वीसी साहब सिंह, नगरायुक्त मनोज कुमार सिंह, नगर निगम के मुख्य अभियंता केबी वाष्र्णेय, कारोबारी नेता गौरव शर्मा, विपुल सिंघल आदि समेत सैकड़ों कारोबारी कमिश्नरी में जमे रहे.

बेगमपुल फ्लाईओवर के निर्माण के विरोध में कारोबारियों का प्रदर्शन गैरवाजिब है. कारोबारियों की मांग पर एक समिति जांच कर रिपोर्ट देगी इसके बाद ही निर्माण कार्य आरंभ होगा.

डॉ. प्रभात कुमार, कमिश्नर

सभी पहलुओं पर विचार करके ही फ्लाईओवर का निर्माण किया जाना चाहिए. जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उम्मीद है कि कारोबारियों का विरोध समाप्त हो जाएगा.

राजेंद्र अग्रवाल, सांसद, मेरठ

फ्लाई ओवर का निर्माण औचित्यहीन है. हालांकि परियोजना जनता के हित में है, इसके लिए सभी पूरी तरह से जांच-पड़ताल के बाद ही निर्माण होगा, ऐसा भरोसा कमिश्नर ने दिलाया है.

नवीन गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ

सुझावों पर खरी-खरी

सुझाव: रुड़की रोड से 25 प्रतिशत वाहन ही बेगमपुल की ओर आते हैं 75 प्रतिशत वाहन दिल्ली रोड पर जाते हैं. जाम दिल्ली रोड पर लगता है. पुल की आवश्यकता जीरो माइल से दिल्ली रोड की ओर है न कि बेगमपुल बाजार की ओर.

कमिश्नर-आने वाले 20 सालों को देखते हुए फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है.

सुझाव- 700 मीटर लंबे पुल के निर्माण से सोतीगंज, बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा, हापुड़ अड्डा पर ट्रैफिक का दबाव काफी बढेगा. व्यापार चौपट हो जाएगा.

कमिश्नर-किसी का व्यापार चौपट करना मंशा नहीं है. अतिक्रमण हटाना होगा. बीच का रास्ता निकाला जाएगा.

सुझाव-20 मीटर चौड़ी रोड पर 17 मीटर चौड़ा पुल बनाने से शहर की सबसे पुरानी मार्केट चौपट हो जाएगी.

कमिश्नर-विकास की कीमत पर कड़े फैसले लेने होते हैं. किसी कारोबारी से कोई दुश्मनी नहीं है.

सुझाव-पुल के निर्माण से सड़क के मध्य में पड़ी सीवर लाइन क्षतिग्रस्त हो जाएगी जिससे आसपास की हजारों की आबादी की जल निकासी जुड़ी है.

कमिश्नर-एक फुलपू्रफ प्लान बनाया गया है, आईआईटी रुड़की ने ले-आउट तैयार किया है. एनसीआरटीसी की रिमन्डेशन पर ही फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है.

सुझाव-बेगमपुल पर एक अंडरपास बनाया जाए.

कमिश्नर-अंडरग्राउंड आरआरटीएस स्टेशन प्रस्तावित है, संभावनाएं ही नहीं.

सुझाव-आबू नाले को कवर कर उसपर पार्किग बनाई जाए.

कमिश्नर-फ्लाईओवर एक बड़ा प्रोजेक्ट है, इससे शहर की जनता को स्थायी लाभ मिलेगा.

सुझाव-बेगमपुल चौराहे पर अतिक्रमण हटा कर और बेतरतीब ढंग से खड़े होने वाले टैंपो और ई रिक्शा को हटाया जाए.

कमिश्नर-ट्रैफिक मैनेजमेंट अलग बात है, इन्फ्रास्ट्रक्चर क्रिएट करना अलग बात है.