-सत्यदेव पचौरी के विधायक से सासंद बनने के साथ ही गोविंद नगर विधानसभा सीट पर बाई इलेक्शन होना तय

-1988 में तत्कालीन विधायक विलायतीराम कात्याल की हत्या के बाद पहली बार हुआ था गोविंद नगर सीट पर उपचुनाव

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KANPUR : सत्यदेव पचौरी के विधायक से सांसद बनते ही गोविंद नगर सीट पर उपचुनाव तय हो गया है। छह महीने के अंदर सीट पर चुनाव कराए जाएंगे। भले ही नए सांसद यानि सत्यदेव पचौरी ने अभी शपथ न ली हो लेकिन गोविंद नगर सीट पर उनका उत्तराधिकारी कौन होगा, इसके लिए कयासबाजी शुरू हो गई है। दावेदार ताल ठोकने लगे हैं। सोशल मीडिया पर भी नाम उछाले जाने लगे हैं। दावेदारों ने अपने स्तर पर पैरवी भी शुरू कर दी है। आइए जानते हैं सीट के लिए कौन-कौन है प्रबल दावेदार?

किस पर जताएंगे भरोसा

सोर्सेज के मुताबिक, बसपा से भाजपा में आए निर्मल तिवारी के साथ ही गोविंद नगर से पार्षद नवीन पंडित ने भी टिकट के लिए पैरवी शुरू कर दी है। बता दें कि निर्मल तिवारी गोविंद नगर सीट से ही बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था जिसमें बीजेपी कैंडिडेट सत्यदेव पचौरी के हाथों उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में आए मनोज सिंह के साथ ही सत्यदेव पचौरी के लड़के अनूप पचौरी का नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि, आलाकमान किस पर विश्वास जताता है, इस बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा।

गोविंद सीट के इतिहास

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दूसरी बार हो रहा उपचुनाव

गोविंद नगर विधानसभा सीट पर दूसरी बार बाई-इलेक्शन होगा। पहली बार इस सीट पर उपचुनाव 2 बार कांग्रेस से विधायक रहे विलायतीराम कात्याल की हत्या हो जाने कारण हुआ था। कत्याल की 1988 में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उपचुनाव में भाजपा से बालचंद्र मिश्रा पहली बार विधायक बने थे। हालांकि, परिसीमन के बाद बनी गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र का ज्यादातर एरिया किदवई नगर, महाराजपुर और कैंट विधानसभा क्षेत्रों में चला गया। गोविंद नगर नाम से विधानसभा सीट तो बरकरार रही लेकिन इसमें ज्यादातर क्षेत्र नया जोड़ा गया।

2017 इलेक्शन में वोटिंग का हाल

पार्टी कैंडिडेट वोट

भाजपा सत्यदेव पचौरी 1,12,029

कांग्रेस अंबुज शुक्ला 40,520

बीएसपी निर्मल तिवारी 28,795

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