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PRAYAGRAJ: कैबिनेट मिनिस्टर नंद गोपाल गुप्ता उर्फ 'नंदी' को फोन पर धमकी व पांच करोड़ गुंडा टैक्स मांगने का कनेक्शन बांदा से है। प्रकरण की जांच कर रही पुलिस को बांदा कनेक्शन के सुराग मिले हैं। हालांकि यह आलमोस्ट खारिज भी इस बेस पर हो चुका है कि कॉल करने वाले ने सिम हासिल करने के लिए फेक आईडी पर सिम हासिल किया था। सिम कार्ड हासिल करने के लिए बांदा निवासी अनुराग तिवारी की आईडी यूज की गयी। सनसनीखेज प्रकरण की जांच में पुलिस बांदा पहुंच चुकी है।

12 मई को आयी थी कॉल व मैसेज
मंत्री नंदी 12 मई को वोटिंग होने की वजह से सिटी में ही थे। उनके मोबाइल पर दोपहर करीब 12 बजे अननोन नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। फोन पर पांच करोड़ रुपये का बंदोबस्त करने को कहा और धमकी दी कि पैसे नहीं मिले तो पूरे परिवार की हत्या करा दी जायेगी। कॉल के कुछ देर बाद सेम नंबर से आपत्तिजनक मैसेज भेजे गए। मंत्री ने मामले की खबर पुलिस अधिकारियों को देने के बाद अपने वकील सुभाष बाजपेयी के मार्फत कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी।

अनुराग से पूछताछ में जुटी पुलिस
विवेचक रवींद्र यादव ने मोबाइल कंपनी से रिकार्ड निकलवाया तो पता चला सिम बांदा से लिया गया था। दरोगा जांच को बांदा पहुंच गए। रवींद्र यादव के मुताबिक, जिस सिम से धमकी दी गई है वह बांदा निवासी अनुराग तिवारी के नाम पर लिया गया है। पुलिस अनुराग के पते पर पहुंची तो वह सिम उनके पास नहीं मिला। पाया गया कि अनुराग की आईडी का गलत इस्तेमाल कर किसी ने सिम लिया है। अनुराग से पूछताछ की जा रही है। पुलिस कॉल डिटेल और आइएमईआई के जरिए कुछ और सुराग की तलाश में है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में दो टीमें लगाई गई हैं। उम्मीद है कि धमकी देने व रंगदारी मांगने वाले को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक टीम बांदा भेजी गई है। वहां से कई बातों सामने आई हैं।
- रत्‍‌नेश सिंह, सीओ प्रथम