- कैंपस में छायी गंदगी स्वच्छ रेल अभियान को लगा रही पलीता

- रेलवे ने एक पखवाड़े तक महाभियान चलाकर करवाया था सफाई

varanasi@inext.co.in

VARANASI

पंद्रह दिन लगातार चले महाभियान के बाद भी कैंट रेलवे स्टेशन पर गंदगी का राज है. जबकि रेलवे के सफाई कर्मियों के अलावा प्राइवेट एजेंसी व एनजीओ से जुड़े लोग कैंट स्टेशन को साफ करने में जुटे रहे. अभियान के बाद फिर से जगह-जगह गंदगी दिखायी दे रही है. स्टेशन कैंपस के एंट्री प्वाइंट्स से लेकर प्लेटफॉर्म, वेटिंग हॉल, वॉटर बूथ, रिटायरिंग रूम, टॉयलेट, सर्कुलेटिंग एरिया तक कहीं भी सफाई नहीं है. स्टेशन के कई जगह ऐसे हैं जहां गंदगी के चलते पैसेंजर्स को अपने नाक पर रूमाल रखना पड़ता है.

भूल गए हैं सफाई

पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में स्थित कैंट स्टेशन की सफाई के लिए दो अक्टूबर तक महाभियान चलाया गया. परिसर के कोने-कोने को साफ किया गया. दिन तो छोडि़ये रात को भी झाडूं लगाया गया. अब जब रेलवे का सफाई अभियान एक पखवाड़े में खत्म हो गया तो सफाई फिर से बेपटरी हो गयी है. हालांकि कैंट स्टेशन एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से सफाई के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. लगातार मॉनीटरिंग भी की जा रही है. पर जिनके जिम्मे कैंट स्टेशन की सफाई है वे आंख मूंदे पड़े हुए हैं. इनमें प्राइवेट एजेंसियों का भी बहुत बड़ा रोल है. खासतौर से सर्कुलेटिंग एरिया से प्लेटफॉर्म नंबर एक तक बहुत बुरा हाल है. यानि कि पीएम के स्वच्छता अभियान को खुद उनके संसदीय क्षेत्र में स्थित रेलवे स्टेशन सफाई के मामले में मुंह चिढ़ा रहा है.

भूल गए झाड़ू लगाना

जब कैंट स्टेशन पर सफाई अभियान चल रहा था तो कूड़ा फर्श पर गिरते ही झाड़ू लगते देर नहीं लगती थी. पर अब ऐसा हाल है कि स्टेशन पर आने जाने वालों के कूड़ा फेंकने के कई घंटे बाद भी सफाई नहीं हो रही है. कई जगह तो प्लेटफॉर्म पर गंदा पानी भी बहता रहता है. एक बार गिर गया तो कोई उसे साफ नहीं कर रहा है.

कैंट स्टेशन कैंपस की प्रॉपर सफाई में लगी एजेंसियों की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है. शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है. कुल मिलाकर सफाई से कोई समझौता नहीं है.

आनंद मोहन, डायरेक्टर

कैंट स्टेशन