बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीज की मौत के बाद तीमारदार व डॉक्टर्स में मारपीट का मामला

-सीएम ने एसएसपी से मंगवाई एफआईआर की कॉपी

-चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव की तहरीर पर मृतक के दो बेटों पर केस दर्ज

-सुरक्षा की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टर्स ने काम किया ठप, सीनियर डॉक्टर्स ने संभाली कमान

GORAKHPUR:

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेल सर्जरी वार्ड में हुई मारपीट के मामले को सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है. उन्होंने एसएसपी से एफआईआर की कॉपी मंगवाई है. अब मामले में पुलिस की गर्दन भी फंसती नजर आ रही है. पुलिस ने डॉक्टर्स को पीटने के मामले में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, लेकिन दर्जनों डॉक्टर्स ने मृतक के बेटों को पीटा तो कोई केस दर्ज नहीं हुआ. चूंकि अब सीएम ने इस मामले को संज्ञान लिया है, ऐसे में पुलिस की यह एकपक्षीय कार्रवाई उसके लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है. दूसरी ओर घटना के दूसरे दिन सोमवार को जूनियर रेजिडेंट साथी की पिटाई के विरोध में कार्य बष्किार पर रहे. सीनियर रेजीडेंट ने मरीजों का इलाज करके व्यवस्था संभाली.

ये है मामला

गौरतलब है कि महराजगंज के ठुठीबारी थाना क्षेत्र के बरगदवा निवासी झीनक पटवा 50 को 10 मई को लिवर की गांठ के ऑपरेशन के लिए बीआरडी में भर्ती कराया गया था. 11 मई को ऑपरेशन के बाद उन्हें पुरूष सर्जरी वार्ड के बेड नम्बर पांच पर भर्ती किया गया था. रविवार शाम सात बजे उनकी मौत हो गई. इससे पहले शनिवार को जूनियर डॉक्टर्स पर झीनक की पिटाई का भी आरोप लगा था. पिता की मौत से नाराज बड़ा बेटा गोलू डॉक्टर्स पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगा. इस बीच उसकी एक जूनियर डॉक्टर से नोकझोंक शुरू हो गई. ओराप है कि गोलू ने जूनियर डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया. वार्ड में गोलू के दो भाई राहुल और मोनू भी मौजूद थे. जूनियर डॉक्टर को थप्पड़ मारने की जानकारी मिलते ही अन्य वार्डो में मौजूद जूनियर डॉक्टर एकजुट हो गए और मेन गेट व ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी गेट का मुख्य द्वारा बंद कर दिया. फिर उन्होंने भाइयों को पकड़ लिया. आरोप है कि तीनों को कमरे में बंद कर बुरी तरह पीटा गया. उधर सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद मृतक के बेटों को डॉक्टर्स के चंगुल से छुड़वाया. देर रात नेहरू चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके श्रीवास्तव की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने मृतक झीनक के बेटों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई.

मृतक के बेटों ने बयां की अपने साथ हुई दास्तां

मृतक के बेटों ने बताया कि जब पिता की मौत की सूचना मिली तो वार्ड में पहुंचा.डॉक्टर से इस संबंध में बात की तो वह भला-बुरा कहने लगे और हम लोगों के साथ उलझ गए. चंद मिनटों में जूनियर डॉक्टर्स की संख्या बढ़ गई. जान बचाकर भागने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और हम लोगों की पिटाई करनी शुरू कर दी. डॉक्टर का नाम नहीं पता है लेकिन वे सात की संख्या में थे.

रात भर बेड पर पड़ा रहा झीनक का शव

रात भर झीनक का शव वार्ड के बेड पर ही पड़ा रहा. सोमावर की सुबह पुलिस की मौजूदगी में शव को पास्टमार्टम हाउस में रखवाया गया.

पीडि़त ने लगाई न्याय की गुहार

मृतक की पत्‍‌नी नर्वदा देवी ने डीएम व एसएसपी को फोन कर न्याय की गुहार लगाई है. साथ ही उन्होंने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर डॉक्टर्स के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा है. पत्‍‌नी ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगते हुए कहा कि इलाज में लापरवाही के चलते मेरे पति की मौत हुई है. जब इसकी सूचना राहुल को हुई तो वह डॉक्टर से पूछने पहुंचा तो मेरे बेटों को मारने पीटने लगे और एक कमरे में बंद कर दिया. मेरी बेटी गुडि़या और अन्य लोग मौके पर मौजूद थे. उन्होंने पति के शव का पोस्टमार्टम करवाकर जूनियर डॉक्टर्स के खिलाफ केस दर्ज करने का मांग की.

अक्सर तीमारदारों को पीट देते हैं जूनियर रेजिडेंट

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों की पिटाई का यह पहला मामला नहीं है. यहां अक्सर जूनियर रेजिडेंट तीमारदारों को पीट देते हैं. कई बार मरीज ओर तीमारदार जूनियर रेजिडेंट पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते रहते हैं. फिर भी इनकी मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है.