- सैटरडे शाम ही खाली हो गए शहर के अधिकांश एटीएम, लोग एक मशीन से दूसरी मशीन रहे भटकते

-भाइयों ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन एप से दिया बहनों को 'कैश गिफ्ट', स्मार्ट फोन ने निभाया साथ

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kanpur: संडे को रक्षाबंधन का त्योहार एक ओर जहां बहनों को लिए खुशियां लेकर आया तो दूसरी ओर शहर के खाली पड़े अधिकांश एटीएम ने भाइयों को मायूस कर दिया. कलाई पर राखी बंधने के बाद जब भाइयों ने बहनों को कैश देने के लिए जेब में हाथ डाला तो कैश की किल्लत ने उसे निराश किया. हालांकि, इन सबके बीच डिजिटल इंडिया ने उनकी इज्जत बचाई. भाइयों ने बहनों को स्मार्ट फोन से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन एप्स के माध्यम से कैश देकर पर्व की खुशियों में रंग भर दिया.

राखी बंधते ही भाइयों ने पूछा नंबर

डिजिटल इंडिया का सपना सच होता नजर आने लगा है. संडे को शहर में कैश की किल्लत भी त्योहार की खुशियों को कम नहीं कर पाई. बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी तो भाइयों ने बहनों से उनका मोबाइल नंबर पूछा. मोबाइल नंबर एप पर डालने के बाद ऑनलाइन ट्रांजेक्शन एप्स पर ट्रांसफर कर दिया. गोविंदनगर निवासी त्रिलोचन सिंह, बर्रा निवासी विनय कोष्टा, मोहित गुप्ता, स्वरूपनगर निवासी योगेश त्रिपाठी व कल्याणपुर निवासी अंकुर दुबे ने अपनी बहनों को कुछ इसी अंदाज में गिफ्ट दिया.

खाली हो गए अधिकांश एटीएम

इस संबंध में नेशनल कंफेडरेशन ऑफ बैंक इम्प्लाइज के सचिव राजेंद्र अवस्थी ने बताया कि इसे लोगों को डिजिटल इंडिया की ओर भेजने का प्रयास समझा जाए या बैंकों की लापरवाही, लेकिन सच तो यह है कि कहीं न कहीं लोग डिजिटल इंडिया से जुड़ते नजर आ रहे हैं. एटीएम में कैश की किल्लत ने भाइयों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से कैश देने को मजबूर कर दिया. इससे जिन्होंने कभी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं किया था, उन्हें भी समझने का मौका मिला. उन्होंने बताया कि अभी भी लोगों को कैश से ज्यादा लगाव है. एटीएम में कैश पहुंचते ही लोग ताबड़तोड़ ट्रांजेक्शन शुरू कर देते हैं, जिससे जल्द खाली हो जाते हैं.

मोबाइल नेटवर्क ने खूब छकाया

एक ओर लोग डिजिटल इंडिया से जुड़ने का प्रयास कर रहे थे, तो दूसरी ओर मोबाइल नेटवर्क ने उन्हें खूब छकाया. काकादेव निवासी दिनेश व सर्वेश शुक्ला ने बताया कि उनकी 4 बहनें हैं. बहनों को गिफ्ट देने के साथ सगुन (कैश)देने की भी प्रथा है. ऐसे में उन्होंने जब मोबाइल निकाल कर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का प्रयास शुरू किया तो मोबाइल नेटवर्क ने खूब छकाया. रामदेवी निवासी गौरव पांडेय, किदवईनगर निवासी जसविंदर सिंह, नौबस्ता निवासी सोनू पांडेय, पनकी निवासी जयप्रकाश मिश्रा को भी ऐसी ही समस्याओं से रूबरू होना पड़ा.