-अब खुले में पशु छोड़ने पर पशुपालकों पर पुलिस का कसेगा शिकंजा

-नगर आयुक्त ने कार्रवाई के लिए एसएसपी को भेजा लेटर

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VARANASI

नगर निगम की नोटिस के बावजूद शहर में पशुपालकों की मनमानी रुक नहीं रही है, लेकिन अब पुलिस इनके ऊपर शिकंजा कसेगी. नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने पशुपालकों पर कार्रवाई करने के लिए एसएसपी आनंद कुलकर्णी को लेटर भेजा है. नगर निगम ने दशाश्वमेध, भेलूपुर, चौक और आदमपुर थानों को पशुपालकों की लिस्ट भी सौंप दी है. अन्य थानों को भी लिस्ट भेजने की तैयारी है. ऐसे में खुले में पशु छोड़ने पर पशुपालकों पर एफआईआर हो सकती है. अगर बार-बार ऐसा किया तो उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है.

बढ़ती शिकायतों पर उठाया कदम

दरअसल, खुले में घूम रहे पशु हादसों का कारण बनते हैं. गंदगी करने के साथ ही ट्रैफिक में भी अवरोध बने हुए हैं. नगर निगम में पशुओं से जुड़ी दर्जनों शिकायतें डेली आती हैं. निगम ने पशुपालकों को अपने पशुओं को बांधकर रखने और गंदगी न फैलाने के लिए कई बार नोटिस दी, लेकिन कोई असर नहीं हुआ. बढ़ रही शिकायतों पर निगम ने अब पशुपालकों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार ि1कया है.

पशुपालक बाहर होंगे शिफ्ट

पशुपालकों को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए कैटल कॉलोनियां बनेंगी. वीडीए ने फुलवरिया, कोटवां, औढ़े, छित्तूपुर, महेशपुर और चोलापुर में जमीन चिन्हित की है. महेशपुर और चोलापुर में इस महीने काम शुरू होने की उम्मीद है. इससे गंदगी दूर होगी और सीवर चोक की समस्या से निजात मिलेगी. इस संबंध में हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गयी है. देरी होने पर कोर्ट की फटकार के बाद विभागों ने कवायद तेज की है.

ाईलाइटर

- नगर निगम के एक्ट 351 के तहत पशुपालकों पर कार्रवाई होगी.

- गंदगी व अतिक्रमण करने पर पुलिस एक्ट की धाराओं में विधिक कार्रवाई होगी.

एक नजर

598

पशुपालक शहर में हैं

100

से ज्यादा तबेले अवैध हैं

25000

है पशुओं की अनुमानित संख्या

02

कैटल कैचिंग टीम है निगम की

पशुपालकों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए एसएसपी को लेटर लिखा गया है. थानावार पशुपालकों की लिस्ट बनाई गई है.

डॉ. नितिन बंसल, नगर आयुक्त

सड़क और सार्वजनिक जगहों पर गंदगी और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी. इसके लिए थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं.

दिनेश कुमार सिंह, एसपी सिटी