शोध छात्रा के मामले में हुई रेप की पुष्टि

हो सकती है आरोपी की जमानत रद्द

आगरा. चर्चित दयालबाग शिक्षण संस्थान डीईआइ की शोध छात्रा के मामले में सीबीआई की इंवेस्टीगेशन में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य निकल कर आए हैं. सीबीआई ने इस मामले में फास्ट्रेक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में रेप की पुष्टि की बात पक्की हो गई है. साथ ही अब आरोपी की जमानत पर खतरा मंडरा रहा है. अब तक आरोपी उदय स्वरूप रेप के प्रयास व हत्या के बाद सबूत नष्ट करने का आरोप में जमानत पर बाहर था.

पहले लगाई कार ठिकाने

सीबीआई की जांच में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं. सूत्रों की माने तो जांच में निकल कर आया है कि आरोपी ने पहले शोध छात्रा को पहले बेहोश किया फिर उसके मुंह में रुमाल ठूंस दिया. गले में भी कपड़ा बांध दिया. इसके बाद वह उसकी कार को लेकर खेल गांव गया. वहां पर उसने कार को ठिकाने लगाया.

लौट कर दिया वारदात को अंजाम

सूत्रों के मुताबिक इसके बाद लौट कर वह परिसर में आया. उस दौरान छात्रा की मां का फोन भी उसने ही रिसीव कर उसके सदर में सत्संग में जाने की बात कही थी. इसके बाद ही उसने रेप की वारदात को अंजाम देने के बाद उसकी जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया था. इस मामले में सिटी को हिलाकर रख दिया था.

नए सिरे से किया था मुकदमा दर्ज

सीबीआई ने 480 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है जिसमें 36 गवाह हैं. कानून के जानकारों की माने तो इस मामले में सीबीआई हाईकोर्ट जा सकती है. सीबीआई के पास जब यह मामला गया था तब उसने नए सिरे से उसे दर्ज किया था. चूंकि अब रेप की बात पर मोहर लग गई है तो हो सकता है कि मामला सीबीआई में जाए.

हो सकती है आरोपी की जमानत रद्द

कानून के जानकारों की माने तो आरोपी की जमानत खारिज कराने को सीबीआई हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र लगा सकती है या फिर कोर्ट इस मामले में कोई निर्देश कर सकता है चूंकि अब तक उसकी जमानत रेप के प्रयास व सबूत मिटाने पर थी लेकिन चार्जशीट से रेप की बात पुख्ता हो गई है. नए तरीके से इस मामले में मुकदमा दर्ज हो सकता है.

दूसरे आरोपी को दी क्लीनचिट

सूत्रों के मुताबिक इस मामले में उदय स्वरूप के खिलाफ सीबीआई को पुख्ता जानकारी व सबूत मिले हैं. आरोपी यशवीर सिंह संधू के खिलाफ कोई भी सबूत नहंी मिला है. सीबीआई ने उसे क्लीन चिट दे दी है. इस खुलासे के बाद लोगों की नजर इस मामले में नई कार्रवाई पर है.

पिता सीबीआई की कार्रवाई से खुश

शोध छात्रा के पिता का कहना था कि वह अंतिम समय तक इस मामले में आरोपी को सजा दिलाने की लड़ाई लडे़ंगे. वह अब तक की सीबीआई की जांच से संतुष्ट हैं. उनका कहना था कि उनकी बेटी को इस मामले में इंसाफ मिलना चाहिए. छात्रा की 15 मार्च 2013 में हत्या कर दी गई थी.