लखनऊ (आईएएनएस)। सीबीआई ने बुधवार को बुलंदशहर के जिलाधिकारी अभय कुमार सिंह के यहां अवैध खनन की जांच के सिलसिले में छापेमारी की। सूत्रों ने बताया कि अधिकारी के आवास से भारी मात्रा में नकदी बरामद की गई है। ऐसे में नोट गिनने वाली मशीन मंगाई गई। कथित ताैर पर खनन मामले में अनियमितताओं के लिए अभय कुमार सिंह सीबीआई के शिकंजे में हैं।

अभय कुमार सिंह फतेहपुर के जिला मजिस्ट्रेट रहे
यह मामला यूपी पूर्व सीएम अखिलेश यादव के लिए और भी परेशानी का सबब बन सकता है क्योंकि अवैध खनन में उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अभय कुमार सिंह अखिलेश शासन के दौरान वह फतेहपुर के जिला मजिस्ट्रेट थे। अखिलेश यादव 2012 से 2017 तक यूपी सीएम और 2012 से 2013 तक राज्य के खनन मंत्री रहे। अवैध खनन 2012 और 2016 के बीच हुआ।

यूपी सरकार द्वारा पास कुल 22 टेंडर्स जांचे जा रहे

सीबीआई सूत्रों ने कहा कि 2012 और 2016 के बीच यूपी सरकार द्वारा पास कुल 22 टेंडर्स जांचे जा रहे हैं। इनमें 14 तो उस समय के हैं जब अखिलेश खनन विभाग का संचालन और गायत्री प्रजापति खनन मंत्री थे। गायत्री प्रजापति एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी के सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में जेल में हैं। सीबीआई ने जून में अमेठी में प्रजापति के घर की भी तलाशी ली थी।

यूपी और दिल्ली के कई स्थानों पर मारे गए थे छापे

सीबीआई ने बीते जनवरी में खनन मामले में उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कई स्थानों पर छापे मारे थे। इसमें हमीरपुर में आईएएस अधिकारी बी चंद्रकला सहित वरिष्ठ अधिकारियों के घर शामिल हैं। ध्यान रहे कि इस साल बीती 5 जनवरी को आईएएस अधिकारी चंद्रकला के सरोजनी नायडू मार्ग स्थित आवास पर सीबीआई अफसरों ने छापा मारा था। इस दौरान उनके फ्लैट पर ताला लगा हुआ था।
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सीबीआई ने चंद्रकला के पीएम से चाभी लेकर ताला खोला और तमाम संपत्तियों के दस्तावेज, जेवरात और बैंक लॉकर के दस्तावेज बरामद किए गए थे। वहीं इस मामले में रमेश मिश्रा और उनके भाई, माइनिंग क्लर्क राम आश्रय प्रजापति, हमीरपुर से अंबिका तिवारी, माइनिंग क्लर्क राम अवतार सिंह और उनके रिश्तेदार व संजय दीक्षित मामले के आरोपियों के लिस्ट में शामिल किए गए थे।

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