- सीबीएसई बोर्ड ने कई ऑप्शनल सब्जेक्ट को स्टूडेंट्स नहीं होने से उसे बंद करने का बनाया प्लान

-बोर्ड ने स्कूल्स से मांगा सुझाव, समीक्षा के बाद लेंगे डिसीजन

VARANASI

स्टूडेंट्स की तंगी की वजह से सीबीएसई बोर्ड कई सब्जेक्ट बंद करने जा रहा है। कई ऐसे ऑप्शनल सब्जेक्ट हैं, जिनमें स्टूडेंट्स का इंट्रेस्ट नहीं है। पिछले कई सालों में न के बराबर स्टूडेंट्स ने इन सब्जेक्ट लिया है। इसको देखते हुए बोर्ड ने स्कूल्स से सुझाव मांगा है। स्कूल्स की रिपोर्ट के बाद बोर्ड इन विषयों की समीक्षा करेगा। सीबीएसई प्रिंसिपल्स का कहना है कि 10वीं और 12वीं में कुछ वोकेशनल सब्जेक्ट ऐसे हैं जिनमें बहुत ही कम स्टूडेंट्स एडमिशन लेते हैं।

दो ऑप्शनल सब्जेक्ट में दो स्टूडेंट

दसवीं व बारहवीं में कई ऐसे ऑप्शनल सब्जेक्ट हैं जिनमें मारामारी है। तो वहीं 12वीं में थिएटर स्टडीज और ह्यूमन राइट्स एंड जेंडर स्टडीज में स्टूडेंट्स का टोटा है। इस बार तो पूरे देश से केवल एक छात्र ही इनमें रजिस्टर्ड था। दोनों ही ऑप्शनल सब्जेक्ट हैं। इन ऑप्शनल सब्जेक्ट को चुनने के लिए स्कूल की ओर से स्टूडेंट्स को विकल्प दिया जाता है। हर स्कूल को इन सब्जेक्ट का संचालन जरूरी भी नहीं है। इस बार बोर्ड ने 12वीं के लिए 55 आप्शनल सब्जेक्ट पर एग्जाम करवाए थे। ज्यादातर सब्जेक्ट में स्टूडेंट्स की संख्या न के बराबर है।

इसलिए हो रही समीक्षा

सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर वीके मिश्रा का कहना है छात्रों की संख्या एक हो या एक हजार, उसके लिए पूरा सिस्टम एक जैसा ही काम करता है। क्वैश्चन पेपर बनाने से लेकर टीचर्स ट्रेनिंग, इवैल्यूशन प्रॉसेस तक बोर्ड को काम करना पड़ता है। दूसरी ओर स्कूल भी इन सब्जेक्ट को चलाने की दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इतने कम स्टूडेंट के लिए स्कूल मैनेजमेंट टीचर व बाकी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खर्च नहीं करना चाहते। सिटी कोआर्डिनेटर के मुताबिक ये सब्जेक्ट जॉब ओरिएंटेड और मार्किंग वाले हैं। अगर स्टूडेंट्स को सही तरह से इसकी जानकारी स्कूलों में दी जाए और स्कूल इन विषयों का संचालन करें तो इनके बंद करने की नौबत नहीं आएगी।

इन पर चल सकती है कैंची

- थिएटर स्टडीज

- ह्यूमन राइट्स एंड जेंडर स्टडीज

- लाइब्रेरी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर साइंस

- हेल्थ सेंटर मैनेजमेंट

- कर्नाटक म्यूजिक

- मोहिनीअट्टम डांस

- एग्रीकल्चर

- फूड प्रोडक्शन

- टूरिज्म

- रिटेल