सीबीएसई ने की बोर्ड एग्जाम में पैटर्न के बदलाव की तैयारी

वेल्यू बेस्ड, शॉर्ट आंसर टाइप , लॉंग आंसर टाइप क्वेश्चन्स के अलावा एनालिटिकल क्वेश्चन्स जोड़ने का प्रस्ताव

देहरादून,

सीबीएसई बोर्ड एग्जाम के पैटर्न में बदलाव की तैयारी की जा रही है. अब एग्जाम में एनालिटिकल बेस्ड क्वेश्चन जोड़ने की तैयारी है. सीबीएसई के जानकारों की माने तो बोर्ड ने एमएचआरडी मिनिस्ट्री को इस बाबत प्रस्ताव भेज दिया है. इसके अलावा स्कूलों को लेकर नई गाइडलाइन भी तैयार की गई है.

बदलना होगा पढ़ाई का पैटर्न

सीबीएसई 10वीं और 12वीं के एग्जाम पैटर्न में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है. इसके तहत एग्जाम में एनालिटिकल क्वेश्चन भी पूछे जाएंगे. इससे ज्यादा मा‌र्क्स लाना और बेहतर स्कोर करना आसान नहीं होगा. इसके अलावा वोकेशनल सब्जेक्ट की परीक्षा भी पहले ली जाएगी. सीबीएसई के जानकारों का कहना है कि एग्जाम को बेहतर करने के लिए डिजिटल चेकिंग भी शुरू की जाएगी. हालांकि इस सत्र से ये सब बदलाव हो पाएगा या नहीं इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन आने वाले समय में इस पर पूरा फोकस किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जो बदलाव सीबीएसई अपने पैटर्न में लाएगा उसके हिसाब से स्कूलों में पढ़ाई का पैटर्न भी बदलना होगा.

लर्निग प्रोसेस बढ़ेगा

सीबीएसई कई वर्षो से वेल्यू बेस्ड, शॉर्ट आंसर टाइप क्वेश्चन्स, लॉन्ग आंसर टाइप क्वेश्चन्स पूछे जाते हैं. अब सीबीएसई बोर्ड एग्जाम में एनालिटिकल क्वेश्चन्स भी पूछे जाएंगे. जिससे स्टूडेंट्स के एनालिटिक नॉलेज बढ़ाने के साथ ही बुद्धिमता का परीक्षण भी हो सकेगा. एक्सप‌र्ट्स का दावा है कि इससे स्टूडेंट्स को एग्जाम में मा‌र्क्स लाना भी आसान नहीं होगा. शिवालिक एकेडमी के वाइस प्रिंसिपल प्रदीप गौड़ ने बताया कि बोर्ड एग्जाम में बदलाव होने से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी. अभी तक स्टूडेंट्स रटकर एग्जाम दिया करते हैं, लेकिन ऐसा होने से स्टूडेंट्स का लर्निग प्रोसेस और मानसिक स्तर भी बढ़ेगा. सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि अभी उन्हें इस बदलाव को लेकर जानकारी नहीं है, लेकिन अगर ये बदलाव होता है तो फिर स्टूडेंट्स के लिए अच्छे मा‌र्क्स लाना आसान नहीं होगा.