अब 30 जून की बजाय 31 मार्च तक देनी होगी एफिलिएशन एप्लीकेशन

जिला शिक्षा अधिकारी को मान्यता के लिए एनओसी देने का अधिकार

Meerut . प्राइवेट स्कूलों में चल रही मनमानियों को देखते हुए सीबीएसई ने इस बार एफिलिएशन नियमों में कई बदलाव किए हैं. यही नहीं मान्यता के लिए एनओसी देने का अधिकार भी जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दिया गया हैं. वहीं मान्यता लेने के लिए एप्लीकेशन देने की समय-सीमा में भी बड़ा परिवर्तन किया गया है.

31 मार्च तक ही आवेदन

सीबीएसई ने मान्यता के लिए आवेदन देने की समय-सीमा में 3 महीने का समय कम कर दिया है.

पहले जहां 30 जून तक स्कूल एप्लीकेशन दे सकते थे

अब 31 मार्च तक ही आवेदन स्वीकार किए जा सकेंगे.

स्कूलों को 2019-2020 सेशन से नए नियमों के मुताबिक मान्यता के लिए आवेदन करना होगा.

ऐसे में यदि किसी स्कूल की मान्यता 2019 में खत्म हो रही है तो उसे सारा डॉक्यूमेंटेशन 31 मार्च तक भेजना होगा.

भेजनी होगी पूरी रिपोर्ट

स्कूलों को हर पांच साल में नया एफिलिएशन लेना होगा. इसके लिए हर बार स्कूल की बिल्डिंग का विवरण, सुरक्षा मानक, बाउंड्रीवाल, वाटर बॉडीज, इंटरनेट, क्लासरूम, स्टूडेंट्स और टीचर्स की संख्या, स्टूडेंट्स-टीचर्स रेशियो, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पो‌र्ट्स ग्राउंड हाईजीन, स्कूल एक्टिविटीज, स्कूल का रिजल्ट, टीचर्स की क्वालिफिकेशन, बस सुविधा, बस में सुरक्षा मानक, लैबोरेटरी, सुरक्षा एजेंसी की पूरी रिपोर्ट बोर्ड को भेजनी होगी.

इन नियमों को भी किया लागू

- स्कूलों को लिमिटेड फ्रेंचाइजी स्पोर्ट की अनुमित होगी. 2013 से यह पूरी तरह से बंद थी.

- एक जगह से दूसरी जगह पर स्कूल अब आसानी से शिफ्ट हो सकेंगे. पहले इसको लेकर क्लीयर इंस्ट्रक्शन नहीं थे.

- एक सोसाइटी, ट्रस्ट, कंपनी से दूसरी सोसाइटी में स्कूल ट्रांसफर कर सकते हैं. पहले इसकी अनुमति नहीं थी.

सीबीएसई ने कई नियमों को काफी सरल कर दिया है. यह स्कूलों की ग्रोथ के लिए काफी अच्छा है.

पूनम शर्मा, प्रिंसिपल, जेएस एकेडमी

मान्यता के नियमों में बदलाव हुआ है. कुछ बातें बहुत अच्छी है. पारदर्शिता पहले से ज्यादा होगी.

प्रीति मल्होत्रा, प्रिंसिपल, द आर्यस स्कूल