- जिले में भी बदला जा सकता है सेंटर, दूसरे जिले में परीक्षा की भी दी जा सकती है रिक्वेस्ट
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PRAYAGRAJ: आतंकवाद से जंग लड़ रहे फौजियों के बच्चों के साथ सीबीएसई भी खड़ा हो गया है. बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में शामिल होने जा रहे फौजियों के बच्चों को अपने पसंद के जिले में परीक्षा देने का आप्शन उपलब्ध करा दिया है. प्रैक्टिकल एग्जाम में एपीयर नहीं हो पाने वाले बच्चों को नई व्यवस्था दे दी गयी है. बोर्ड ने येन-केन-प्रकारेण मुख्य परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने पर भी विकल्प उपलब्ध कराने का फैसला लिया है.

10 अप्रैल को प्रैक्टिकल एग्जाम
सीबीएसई ने जो व्यवस्था दी है उसके मुताबिक फौजियों के वे बच्चे जो प्रैक्टिकल एग्जाम में हिस्सा नहीं ले सकें है, उनके लिए 10 अप्रैल को स्कूल में ही विशेष रूप से प्रैक्टिकल एग्जाम की व्यवस्था की जायेगी. जो बच्चे मेन परीक्षा देने की स्थिति में नहीं होंगे उनके लिए भी अलग से व्यवस्था की जायेगी. इसके लिए भी स्कूल में ही रिक्वेस्ट सब्मिट करनी होगी.

क्या करना होगा बच्चों को

- सीबीएसई ने यह सुविधा सेना के जवानों के साथ पैरा मिलिट्री फोर्सेज के जवानों के बच्चों को दी है

- यह सुविधा उन बच्चों को मिलेगी जिनके पैरेंट आतंकवादी हमले में शहीद हो गये हों

- उन बच्चों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा जिनके पिता आतंकवाद से जंग में शामिल हो रहे हों

- बच्चे अपने निवास के जिले में ही सेंटर चेंज करने का आप्शन चूज कर सकते हैं

- बच्चे दूसरे किसी जनपद के सेंटर का चुनाव भी कर सकते हैं

- इसके लिए उन्हें रिक्वेस्ट लेटर अपने स्कूल में सब्मिट करना होगा

- स्कूल ऐसे बच्चों की डिटेल कम्पाइल करके सीबीएसई के जोनल ऑफिस को भेजेंगे

- इसके बाद बच्चे को वांछित सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी

- बच्चा किसी विषय की परीक्षा में बाद में देना चाहे तो उसे इसकी भी अनुमति दी जाएगी.

इस व्यवस्था का लाभ लेने के लिए छात्र 28 फरवरी तक अपने आवेदन अपने स्कूल में सब्मिट कर दें. स्कूलों से डिटेल आने पर फेसेलिटी दी जायेगी.
- डॉ. संयम भारद्वाज, कंट्रोलर ऑफ एग्जाम, सीबीएसई