MEERUT: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) अब स्टूडेंट्स का आईक्यू चेक करेगा। बोर्ड एग्जाम्स में स्टूडेंट्स रटकर नहीं बल्कि कांसेप्ट समझे। इसके लिए बोर्ड ने तमाम कवायद भी शुरु कर दी है। इस कड़ी में बोर्ड 10वीं के क्वेश्चन पेपर पैटर्न में भी बदलाव बदलाव की योजना बना रहा है। ऑब्जेक्टिव, थ्योरी बेस्ड क्वेश्चंस में स्टूडेंट्स को अब क्रिएटिविटी दिखाने का मौका मिलेगा।

बदल-बदलकर पूछे जाएंगे क्वेश्चंस

सीबीएसई स्टूडेंट्स टॉपिक को बेहतर तरीके से समझे, रटकर याद न करें, समझ विकसित हो, इसी उददेश्य से बोर्ड पेपर पैटर्न में बदलाव कर रहा है। इसके तहत बोर्ड ने फैसला किया कि किसी भी क्वेश्चंस को एक ही तरह से नहीं पूछा जाएगा। स्टूडेंट्स को बेहतर तरीके से समझाने के लिए एक ही सवाल को कई तरह से पूछा जाएगा। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को इनके आसंर्स भी क्रिएटिविटी के साथ देने होंगे।

एग्जाम से पहले प्रैक्टिस

पैटर्न आसानी से समझ आएं इसलिए बोर्ड एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स को प्रैक्टिस का मौका भी दिया जाएगा। बोर्ड स्टूडेंट्स के लिए प्रैक्टिस पेपर भी जारी करेगा। स्टूडेंट्स क्वेश्चन पेपर के पैटर्न को आसनी से समझ सकेंगे। इसके लिए बकायदा स्कूल में भी बच्चों को प्रैक्टिस करवाई जाएगी। बोर्ड की ओर से एक-एक नंबर वाले क्वेश्चंस में फेरबदल किया जाएगा।

इनका है कहना

इस बार बोर्ड ने काफी बदलाव किए हैं। नई इनोवेटिव चीजें बोर्ड अप्लाई कर रहा है। पेपर पैटर्न में बदलाव भी स्टूडेंट्स के हित में ही हैं। मा‌र्क्स के बजाय स्टूडेंट्स कांसेप्ट समझने की ज्यादा कोशिश करेंगे।

प्रीति मल्होत्रा, प्रिंसिपल, द आर्यस

बच्चों के लिए बोर्ड ने काफी बदलाव किए हैं। इस फैसले से बच्चों का आईक्यू लेवल बढ़ेगा। रटने की बजाय उनकी समझने की पॉवर का विकास होगा।

अशोक, वाइस प्रिंसिपल, महावीर इंटरनेशनल स्कू

स्टूडेंट्स के लिए काफी अच्छा फैसला है। स्टूडेंट्स की क्षमताओं में निखार आएगा। इससे रिजल्ट की क्वालिटी भी बेहतर होगी।

डा। अल्पना शर्मा, प्रिंसिपल, डीएवी