-रिलायंस जियो के अधिकारियों के साथ बैठक में मिली हरी झंडी

-दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा

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LUCKNOW

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार रिलायंस जियो के टावर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की कवायद शुरू हो गई है. इन टावर्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के शासन से हुए समझौते के बावजूद न तो कंपनी ने कैमरे लगाए और न ही पुलिस ने उसे समझौता याद दिलाया. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने हाल ही में पुलिस की इस ढिलाई पर प्रमुखता से खबर छापी थी. जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और पहले चरण में लखनऊ में रिलायंस जियो के टावर्स पर कैमरे लगवाने की कवायद शुरू कर दी गई है. इन कैमरों की फीड सीधे माडर्न पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ी होगी. दृष्टि प्रोजेक्ट के तहत राजधानी में लगवाए गए 280 कैमरों के साथ-साथ नए कैमरे भी पुलिस के लिए मददगार होंगे.

एक महीने में लगेंगे कैमरे

रिलायंस जियो के प्रदेश के विभिन्न शहरों में करीब दो हजार टॉवर लगवाने की योजना है. दरअसल, जियो सेवा शुरू होने से पहले शासन व कंपनी के बीच समझौता हुआ था कि कंपनी सरकारी जमीनों पर टावर लगाएगी. इसके एवज में सरकार जमीन की कीमत तो नहीं लेगी लेकिन, कंपनी को इन टावर्स पर तीन से चार सीसीटीवी कैमरे लगाकर इसकी फीड मुफ्त में मॉडर्न पुलिस कंट्रोल रूम को मुहैया करानी होगी. हालांकि, सेवा शुरू हुए लंबा वक्त बीतने के बावजूद पुलिस की ओर से इसे लेकर जियो कंपनी से तगादा नहीं किया. राजधानी में रिलायंस के करीब 300 टावरों पर 1100 कैमरे लगवाए जाने का प्रस्ताव था. हाल ही में शासन के निर्देश पर पुलिस ने रिलायंस के अधिकारियों के साथ बैठक कर कैमरे लगवाए जाने की योजना पर चर्चा की थी. जिसमें तय किया गया कि पहले चरण में राजधानी के 70 स्थानों पर लगे रिलायंस जियो के टावर पर कैमरे लगाये जाएंगे. बताया जा रहा है कि एक महीने में यह सभी कैमरे इंस्टॉल कर दिये जाएंगे और इनकी फीड मॉडर्न पुलिस कंट्रोल रूम को मुहैया करा दी जाएगी.

सॉफ्टवेयर का टेस्ट सफल

लखनऊ से शुरुआत के बाद अन्य प्रमुख शहरों में भी रिलायंस टावरों पर कैमरे लगवाकर उनकी फीड पुलिस कंट्रोल रूम को मुहैया कराई जाएगी. सीसीटीवी कैमरे बेहतर क्वालिटी के होंगे. इन कैमरों की मदद से पुलिस को शहर के उन हिस्सों में भी निगरानी करने में मदद मिलेगी, जहां उसके अपने कैमरे नहीं लगे हैं. प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने भी रिलायंस अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिए हैं. उन्होंने बताया कि रिलायंस टावर पर लगने वाले कैमरों की फीड माडर्न कंट्रोल रूम को देने वाले सॉफ्टवेयर का टेस्ट कराया जा चुका है. फीड माडर्न कंट्रोल रूम को आसानी से मिल जाएगी. जल्द राजधानी में कैमरे लगवाने की प्रकिया पूरी कराई जाएगी. पुलिस की कोशिश है कि यह कैमरे राजधानी में फरवरी में आयोजित होने वाली इंवेस्टर्स मीट के उद्घाटन से पहले लगा दिये जाएं, ताकि इसमें शामिल होने वाले निवेशको में सुरक्षा का भाव आ सके.