क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सिटी के स्कूलों में अब तीसरी आंखें हर क्लास की निगरानी करेंगी. केवल स्कूल परिसर भर में सीसीटीवी लगाकर प्रबंधन जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं माना जाएगा, उन्हें हर क्लास को कवर करने वाला सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा. जिला प्रशासन की जांच में यह महत्वपूर्ण बिंदु उभरकर सामने आया कि नियमों को ताक पर रख सीसीटीवी कवरेज नहीं किया जा रहा है. लेकिन गंभीर बात यह है कि जिन बिंदुओं पर जांच की गयी है उनमें से अधिकतर कार्य सरकारी स्कूलों से भी नदारद हैं. सरकारी स्कूलों में इनमें से किसी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है, जबकि निजी स्कूलों पर इन नियमों को प्रभावी रूप से लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है.

हर बच्चे की होगी सुरक्षा

स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ हाल के दिनों में कई तरह के अपराध हुए हैं. सफायर स्कूल में जहां विनय की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई वहीं एक अन्य निजी स्कूल के बस चालक द्वारा बच्चे के साथ यौन शोषण करने का मामला भी सामने आया. क्लास रूम और बसों में सीसीटीवी लगने से बच्चों की सुरक्षा में बेहतर कदम होगा.

टॉयलेट में सारे स्कूल फिसड्डी

नियमों में यह साफ है कि हर स्कूल में गेस्ट्स और स्टूडेंट्स के लिए शौचालय की व्यवस्था अलग-अलग की जानी चाहिए. इसके बावजूद शौचालय के मामले में सिटी के सारे के सारे स्कूल फिसड्डी साबित हुए हैं. अधिकतर स्कूलों के शौचालय गंदे और बदबूदार रहते हैं. साथ ही वहां पानी की भी व्यवस्था नहीं रहती.

वर्जन

हर स्कूल में चाहे वो सरकारी हो या निजी स्कूल प्रत्येक क्लास में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य है. इस नियम का पालन भी किया जाना चाहिए. इसकी जांच में अधिकतर स्कूल फेल पाए गए.

शांतनु अग्रहरि, पूर्व नगर आयुक्त