नौ खदानों की बोलियों की जांच
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक कोयला मंत्रालय ने बीते शुक्रवार को देर रात जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) की चार खदानों की बोली को खारिज कर दिया. इसके साथ ही उसने बाल्‍कों की बोली को भी खारिज किया है. कहा जा रहा था कि ऐसी चर्चा थी कि इन खदानों के लिए हाल में लगाई गई बोली में सांठगांठ की गई. इस पूरे मामले में कोयला और बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोयला विभाग इन निरस्त की गर्इं खदानों के बारे में अंतिम फैसला इस पर सोच-विचार के बाद करेगा. सरकार हाल में हुई कोयला खदानों की नीलामी में से नौ खदानों की बोलियों की फिर से जांच कर रही थी. इनमें वे कोयला ब्लॉक भी हैं जिनमें जेएसपीएल और बाल्को सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरीं. 

बोलियों को स्वीकार कर लिया गया
जिसमें कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने शुक्रवार को कहा था कि गारे पाल्मा चार-एक, चार-दो, चार-तीन और तारा कोयला खदानों के लिए बोलियां स्वीकार नहीं की गयी. जेएसपीएल इनमें से गारे पाल्मा चार-2, गारे पाल्मा चार-3 और तारा कोयला ब्लॉक के लिए सफल बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभर कर सामने आयी है. जबकि भारत एल्यूमीनियम कंपनी (बाल्को) ने गारे पाल्मा चार-1 के लिए बोली लगाई. अनिल स्वरूप ने कहा कि चार को छोड़कर अन्य पांच ब्लॉक के लिए बोलियों को स्वीकार कर लिया गया है. उन्‍होंने कहा कि तभी इस दौरान ही खबर आयी थी कि कुछ बोलीदाता संबंधित खदानों के दाम कम रखने के लिए आपस में सांठगांठ कर सकते हैं. अनिल स्‍वरूप ने कहा कि इसमें सांठगांठ है कि नहीं, इस बारे में अभी मैं कुछ नहीं कह सकता. सरकार अब तक कुल 33 कोयला खदानों की नीलामी कर चुकी है. 


नौ खदानों की बोलियों की जांच
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक कोयला मंत्रालय ने बीते शुक्रवार को देर रात जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) की चार खदानों की बोली को खारिज कर दिया. इसके साथ ही उसने बाल्‍कों की बोली को भी खारिज किया है. कहा जा रहा था कि ऐसी चर्चा थी कि इन खदानों के लिए हाल में लगाई गई बोली में सांठगांठ की गई. इस पूरे मामले में कोयला और बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कोयला विभाग इन निरस्त की गर्इं खदानों के बारे में अंतिम फैसला इस पर सोच-विचार के बाद करेगा. सरकार हाल में हुई कोयला खदानों की नीलामी में से नौ खदानों की बोलियों की फिर से जांच कर रही थी. इनमें वे कोयला ब्लॉक भी हैं जिनमें जेएसपीएल और बाल्को सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरीं. 

बोलियों को स्वीकार कर लिया गया
जिसमें कोयला सचिव अनिल स्वरूप ने शुक्रवार को कहा था कि गारे पाल्मा चार-एक, चार-दो, चार-तीन और तारा कोयला खदानों के लिए बोलियां स्वीकार नहीं की गयी. जेएसपीएल इनमें से गारे पाल्मा चार-2, गारे पाल्मा चार-3 और तारा कोयला ब्लॉक के लिए सफल बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभर कर सामने आयी है. जबकि भारत एल्यूमीनियम कंपनी (बाल्को) ने गारे पाल्मा चार-1 के लिए बोली लगाई. अनिल स्वरूप ने कहा कि चार को छोड़कर अन्य पांच ब्लॉक के लिए बोलियों को स्वीकार कर लिया गया है. उन्‍होंने कहा कि तभी इस दौरान ही खबर आयी थी कि कुछ बोलीदाता संबंधित खदानों के दाम कम रखने के लिए आपस में सांठगांठ कर सकते हैं. अनिल स्‍वरूप ने कहा कि इसमें सांठगांठ है कि नहीं, इस बारे में अभी मैं कुछ नहीं कह सकता. सरकार अब तक कुल 33 कोयला खदानों की नीलामी कर चुकी है. 

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