- मॉर्निग वॉक के दौरान महिला से बाइक सवार ने छीना मंगलसूत्र

- महिला ने सिस्टम और सोसाइटी दोनों को दी नसीहत, मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल

BAREILLY : मॉर्निग वॉक पर निकली दून की एक महिला की स्नैचरों ने मंगलसूत्र लूट लिया तो उसने सिस्टम के नाम झकझोरने वाली चिट्ठी लिख अपनी पीड़ा बयान की। सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उसने न केवल सिस्टम पर सवाल खड़े किये बल्कि सोसाइटी को भी नसीहत दी और महिलाओं के साथ अक्सर होने वाली स्नैचिंग की वारदातों को लेकर समाज से एकजुट होने की अपील की और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। बहरहाल पुलिस ने उसकी तहरीर ले ली है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिये हैं।

मॉर्निग वॉक पर हादसा
नेहरू ग्राम निवासी पीडि़ता कविता पंत उनियाल मंडे की सुबह करीब 5 बजे सहेली के साथ मॉर्निग वॉक पर निकली थी। जैसे ही वह डोभाल चौक के पास पहुंचीं, तभी सामने से आए एक बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी। गिरते-गिरते बचते हुए संभलने की कोशिश कर ही रही थी कि उसका दुपट्टा बाइक के हैंडिल पर फंस गया और कुछ दूर तक बाइक के साथ वह घिसटती चली गई। शोर मचाया लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। इस हादसे के बाद जब कविता घर पहुंची तो देखा कि गले से मंगलसूत्र गायब है। तब उसे स्नैचिंग का आभास हुआ। पूरा वाकया पति को बताया तो पति ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस का कहना गिर गया होगा मंगलसूत्र
इधर पुलिस का कहना है कि यह एक हादसा लग रहा है। आशंका जताई कि बाइक से टक्कर के दौरान महिला का मंगलसूत्र मौके पर ही गिर गया होगा। हालांकि, पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरा फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही हकीकत का खुलासा कर दिया जाएगा।

सिस्टम के नाम यह चिट्ठी
कविता का सोशल मीडिया पर मैसेज कुछ इस तरह वायरल हुआ, मॉर्निग वॉक पर बाइक सवार मेरा मंगलसूत्र छीन कर ले गया। स्थानीय महिलाओं से पता चला कि वह कई दिनों से इलाके में स्नैचिंग के प्रयास कर रहा था। यदि महिलाओं ने उसी समय अपना स्वर मुखर किया होता तो ये घटना न होती। हमारे साथ कुछ गलत हो तो मुद्दे को दबाएं नहीं बल्कि लड़ें, ताकि जो हमारे साथ हुआ किसी के साथ न हो। मैंने पुलिस कंप्लेन की है, परिणाम तो नहीं पता पर जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाया है। या सिस्टम अपनी जिम्मेदारी निभाए नहीं तो लोग घर की महिलाओं को गहने पहनाना बंद कर दें और सुबह-शाम घूमना भी बंद करवा दें। अनैतिकता के प्रति मौन रहे तो न्याय की इच्छा भी न करें।