क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ :जन्म से लेकर आज तक चैंबर चर्चा में ही रहा. चर्चा हमेशा सकारात्मक कार्यो को लेकर होती रही. चर्चा व्यापारियों और उद्यमियों के हितों में काम करने को लेकर होती रही. बीते करीब 55 सालों के चैंबर के इतिहास के आईने में देखें तो कई उपलब्धियां इसके खाते में हैं. छोटानागपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स से फेडरेशन बनने तक की कहानी दिलचस्प रही और सालाना चुनावों में दो टीमों के बीच भी जबर्दस्त टक्कर होती रही है. इस बार भी ऐसे ही हालात बनते जा रहे हैं. टीम आरडी सिंह चैंबर में चुनी गई टीम को लगातार कठघरे में खड़ा कर रही है वहीं टीम दीपक मारू को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से वर्तमान कमिटी का समर्थन प्राप्त है तो उनके पास उपलब्धियों का लंबा खाका है.

वोटर्स का भांप रहे मिजाज

इस वर्ष होने वाले चैंबर चुनावों के लिए तमाम कैंडिडेट्स मतदाताओं के मिजाज को भांपने के लिए विभिन्न माध्यमों का सहारा ले रहे हैं. मोबाईल टॉकिंग के साथ-साथ अपने सहयोगियों से भी मतदाताओं की सोच क्या हैं, इसे लेकर आकलन करने में जुटे हुए हैं. वर्तमान में चैंबर में करीब 3500 मतदाता हैं और ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि करीब 2800 के आसपास पोलिंग हो सकती है.

डोर टू डोर कैंपेन जल्द

टीम आरडी सिंह और टीम दीपक मारू जल्द ही डोर टू डोर कैंपेन शुरू करेगी. साथ ही मतदाताओं से संबंध स्थापित करने के लिए चुनाव कमिटी द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जाएगा. टीम के लीडर दीपक मारू ने अपनी कमिटी के सभी सदस्यों को साफ हिदायत दी है कि किसी भी स्थिति में चुनाव की आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न करें. अगर किसी भी प्रकार का कनफ्यूजन है तो कमिटी के चेयरमैन से संपर्क कर उसे दूर कर लें. उसके बाद ही प्रचार-प्रसार का काम किया जाए.

व्यावसायिक-औद्योगिक हितों को मिले तरजीह: किशोर मंत्री

लंबा अनुभव, मिलनसार स्वभाव और चैंबर के प्रति समर्पण. किशोर मंत्री चैंबर चुनाव में एक ऐसा चेहरा हैं जो बीते करीब 18 सालों से चुनाव लड़ते रहे हैं और एक-दो बार छोड़कर हर बार उन्हें मतदाताओं ने सिर पर बिठाया है. कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर हो या सब कमिटी के तौर पर हर बार किशोर मंत्री ने व्यावसायिक हितों के लिए मंच पर बेबाक अपने विचार रखे हैं. जिस वक्त संजय सेठ चैंबर के अध्यक्ष थे उस वक्त उन्होंने क्षेत्रीय चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष पद पर भी अपना योगदान दिया. किशोर मंत्री का कहना है कि चैंबर का मुख्य उद्देश्य है व्यावसायिक और औद्योगिक हितों की आवाज को मंच देना और हमेशा ही चैंबर राज्य के विकास की आवाज बनता रहा है.

उद्योग नीतियों का सरलीकरण करना जरूरी: प्रवीण छाबड़ा

युवा सोच लेकिन अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ चलने के जज्बे का नाम है प्रवीण छाबड़ा. अपनी सरल छवि और उदारवादी सोच की वजह से प्रवीण छाबड़ा ने कम समय में व्यवसायियों और उद्यमियों की बृहद सोच को आगे तक ले जाने के लिए काम किया है. प्रवीण का कहना है कि राज्य में औद्योगिक विकास करना है तो नीतियों को समयानुकुल परिवर्तित करना ही होगा. राज्य में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना हो ताकि किसानों की आय में इजाफा हो सके. साथ ही माइंस आधारित उद्योगों को भी तरजीह मिलनी चाहिए. हालांकि सरकार ने कई अमेंडमेंट उद्योग नीति में किए हैं, जो स्वागतयोग्य हैं. लेकिन एमओयू को धरातल पर उतारने में अभी कई पड़ाव पार करने होंगे. प्रवीण छाबड़ा बीते 8-9 सालों से चैंबर से जुड़े हुए हैं और बीते पांच सालों से चुनाव जीतते आ रहे हैं और वर्तमान रंजीत गाड़ोदिया की टीम में वह सह सचिव के पद पर कार्यरत हैं.