क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ :चैंबर चुनाव 16 सितंबर को होने हैं और वोटों की गिनती 18 सितंबर को होगी. अब तक कुल 47 लोगों ने कैंडिडेट्स का दावा पेश किया है जिसमें 39 ने एग्जीक्यूटिव कमिटी व 8 ने क्षेत्रीय उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा है. 6 तारीख नामांकन वापस लेने की अन्तिम तारीख है. मतलब साफ है कि अब वोटरों से रूबरू होने का वक्त आ गया है. टीम दीपक मारू बुधवार से डोर टू डोर कैंपेन के लिए निकल सकती है. वहीं टीम आरडी सिंह भी डोर टू डोर कैंपेन शुरू करने को लेकर मंथन कर रही है. दीपक कुमार मारू ने बताया कि डोर टू डोर कैंपेन मंगलवार से ही शुरू करना था लेकिन भाजपा नेता गामा सिंह के आकस्मिक निधन की वजह से कार्यक्रम रद किया गया है. उन्होंने कहा कि रांची में वोटर्स से मिलने के लिए विभिन्न बाजारों और मुहल्लों में जाना होगा. हमारी कोशिश है कि सभी वोटर्स से मिलें. कम समय में ज्यादा से ज्यादा वोटर्स से मिलेंगे.

चैंबर के धरती पकड़ आनंद जालान

चैंबर चुनाव में कहीं पाला बदलने की ख्वाहिश है तो कहीं किसी को पाले में लेने की कूटनीति, लेकिन इन चुनावों में एक शख्स ऐसा भी है जो चुनाव जीतने के लिए नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को जिन्दा रखने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. नाम है आनंद जालान. जिन्हें चैंबर का धरती पकड़ भी आप कह सकते हैं. क्योंकि आनंद जालान अकेले ऐसे शख्स हैं जो बीते 25 सालों से चैंबर चुनाव लड़ते आ रहे हैं और हर बार हारने के बाद भी पूरे सम्मान के साथ उनका स्वागत चैंबर के अन्य सदस्य करते रहे हैं. आनंद जालान हार के बाद भी आर्ट एंड कल्चर सब कमिटी के चेयरमैन बनाए जाते रहे हैं. आनंद जालान कहते हैं कि लंबा वक्त हो गया चुनाव लड़ते हुए लेकिन कभी भी जीत नहीं मिली. वो कहते हैं कि वोट मांगने जाता नहीं, जो मिलता है उसे सहर्ष स्वीकार कर लेता हूं. हार के बाद भी तनाव लेता नहीं, चुनाव इसलिए लड़ता हूं ताकि चैंबर के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा कर सकूं. पूर्व के अनुभवों के आधार पर आनंद जालान भी मानते हैं कि पहले की अपेक्षा चैंबर की गरिमा कम हुई है. हालांकि काम अच्छा हो रहा है, फिर भी चैंबर को हाई स्टेटस की जरूरत है. आनंद जालान पूर्व में प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन के कारोबार से जुड़े रहे हैं और उन्हें झारखंड की संस्कृति से खासा लगाव है. शायद यही वजह है कि आनंद जालान रांची में फिल्म, आर्ट या सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अक्सर दिखाई दे जाते हैं.

मेरे प्रयास को व्यवसायियों ने देखा है: विकास विजयवर्गीय

टीम दीपक कुमार मारू के अहम सदस्य विकास विजयवर्गीय का कहना है कि चैंबर चुनाव के जो भी नतीजे आएं, लेकिन व्यवसायियों के बीच उन्होंने एक अलग पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि हमने शहर की समस्याओं को लेकर गांधीगीरी फॉर्मेट में व्यवसायियों की आवाज को बुलंद किया है. साथ ही नगर विकास विभाग से मिलकर व्यवसायियों की समस्याओं का समाधान विभिन्न स्तरों पर किया है. विकास बताते हैं कि जो दुकानें नगर निगम द्वारा सील की जा रही थी, उस पर रोक लगवाई है, पंडरा बाजार का विस्थापन रोकने के लिए काफी काम किया है साथ ही ट्रेड लाईसेंस जो एक वर्ष के लिए होता था उसे पांच वर्ष तक करवाने के लिए विभागीय स्तर पर बात की गई, जिसके सफल परिणाम सामने आए. विकास मुक्ति संस्थान के सचिव भी हैं जो एक सामाजिक संस्था है और लावारिश शवों का अन्तिम संस्कार करती है. विकास सामाजिक कायरें में काफी दिलचस्पी रखते हैं और कई सामाजिक संस्थाओं से भी जुडे़ हुए हैं.