क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ:चैंबर चुनाव में इस बार टीम दीपक कुमार मारू इतिहास को दोहरा सकती है. जी हां, ऐसा हो सकता है कि जिस तरह से ओमप्रकाश अग्रवाल, अरुण बुधिया और पवन शर्मा की टीम के सभी 21 सदस्यों ने जीत हासिल कर इतिहास बनाया था, ठीक उसी तरह से टीम दीपक मारू भी इतिहास दोहरा सकती है. पवन शर्मा ने जब चैंबर चुनाव लड़ा था तो दो टीमें आपस में मर्ज कर गई थीं लेकिन कई कैंडिडेट्स इंडिपेंडेंट भी खड़े हुए थे, जो चुनाव हार गए थे. इस बार का भी ऐसी ही सीन क्रिएट हो रहा है, इसलिए ऐसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

बिना तामझाम के होगा चुनाव

दीपक कुमार मारू ने कहा है कि चुनाव पूरी तरह से सादगी के साथ लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि टीम के सभी सदस्य वोटरों के पास जाएंगे और उनकी समस्याओं से रूबरू होने के साथ-साथ उन्हें उनकी समस्याओं के निष्पादन को लेकर आश्वस्त भी करेंगे. दीपक मारू का कहना है कि चुनाव कमिटी द्वारा जो आचार संहिता लागू की गई है उसे शत-प्रतिशत फॉलो किया जाएगा. साथ ही सभी मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं और चुनौती देने वाले नहीं है. इसलिए ज्यादा बैनर-पोस्टर आदि शहर में नहीं लगाए जाएंगे.

.......

समाज व व्यावसायिक हित ही सर्वोपरि: नवजोत अलंग रूबल

दीपक मारू टीम के अहम कैंडिडेट नवजोत अलंग रूबल का कहना है कि लोगों को बुनियादी सुविधाएं दिलाने के लिए काम करना है. साथ ही चैंबर के एजेंडे में कई ऐसे मुद्दे हैं जो वर्षो से लंबित हैं, उनपर कुछ काम आगे भी बढ़ा है, उन मुद्दों को मुकाम देना ही उद्देश्य होगा. रूबल ने कहा कि ट्रांसपोर्ट नगर ऐसा जगह बनना चाहिए जहां बड़ी गाडि़यां आराम से आ-जा सकें. ये दुखद है कि कई साल हो गए और चैंबर के प्रयासों के बाद भी ट्रांसपोर्ट नगर का मामला अब तक क्लीयर नहीं हो पाया है. नवजोत अलंग रूबल पेशे से व्यवसायी हैं और वो झारखंड सिख फेडरेशन के जेनरल सेकेट्री भी हैं. साथ ही वे गुरुनानक हास्पीटल एंड रिसर्च सेंटर की गवर्निग बॉडी के सदस्य भी हैं. अगर चैंबर के कार्यो के अनुभव की बात की जाए तो रूबल ने रेलवे सबकमिटी के चैयरमैन के रूप में आईआरसीटीसी का कार्यालय खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है. साथ ही वे चार सालों तक यूथ एंटरप्रोन्योरशिप सब कमिटी में भी रह चुके हैं.