तीन ओर से नमी का प्रवेश झारखंड का बदल रहा मौसम

बारिश नहीं होने से किसानों की बढ़ी चिंता

क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: पूरे दिन मौसम से होने वाली परेशानियों से रांचीआइट्स की मुश्किलें बढ़ गई हैं. विभाग के अनुसार इन दिनों झारखंड में तीन ओर से हो रहे नमी के प्रवेश से मौसम का मिजाज बदल रहा है. दिन से लेकर रात तक उमस के कारण चिपचिपा मौसम बना हुआ है. वहीं, बारिश की रफ्तार भी ढीली पड़ गई है. इसके अलावा पड़ोसी राज्यों में बारिश के कारण नमी झारखंड में प्रवेश कर रहा है. ऐसे मौसम में लोगों को उमस भरी बेचैनी से दो-चार होना पड़ रहा है. सोमवार को रांची का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रहा. इस बीच आ‌र्द्रता 86 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत तक अप डाउन करता रहा. एक तरफ तापमान बढ़ा तो दूसरी ओर 5.2 मिमी बारिश 24 घंटे में हुई जिसके कारण आ‌र्द्रता का प्रतिशत भी बढ़ गया.

खाड़ी में साइक्लोनिक सिस्टम का असर

बंगाल की खाड़ी से लेकर ओडि़शा, बिहार व नॉर्थ ईस्ट में हो रहे मौसमी बदलाव का सीधा असर झारखंड पर पड़ रहा है. बंगाल की खाड़ी और ओडि़शा में जितने भी साइक्लोनिक सिस्टम बने, उन सबका असर अब रांची समेत पूरे झारखंड में दिख रहा है. वहीं बिहार से होकर गुजरने वाले मानसून के कारण भी झारखंड पर इसका असर पड़ रहा है. साथ ही असम, मेघालय में हो रही बारिश के कारण आ‌र्द्रता झारखंड में प्रवेश कर रहा है. चारों तरफ से आ‌र्द्रता के प्रवेश की वजह से दबाव वाले क्षेत्र के रूप में झारखंड में परिवर्तन महसूस किया जा रहा है.

अगस्त में सबसे कम बारिश

मौसम विभाग के आकलन के अनुसार, पिछले महीनों की तुलना में अगस्त में सबसे कम बारिश हुई है. जबकि इससे पहले मानसून आने में देरी भी हुई थी. वहीं अगस्त में हुई कम बारिश ने किसानों से लेकर आम लोगों को निराश कर दिया. मेट ऑफिस के रिकॉर्ड के अनुसार, अगस्त में 195 मिमी बारिश हुई, जबकि एवरेज बारिश का रिकॉर्ड इस महीने में 250.5 मिमी का रहता है.

अक्टूबर फ‌र्स्ट वीक तक मानसून

मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान पदाधिकारी आरके महतो ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में मजबूत सिस्टम नहीं बन पाने के कारण के कारण कम बारिश हो रही है. आमतौर पर सितंबर तक मानसून रहता है और अक्टूबर में पोस्ट मानसून का समय आता है, लेकिन इस बार अक्टूबर फ‌र्स्ट वीक तक मॉनसून रहेगा.