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GARHWAL: Chardham yatra चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ मंदिर के कपाट पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संडे को ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलने के मौके पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान रुद्रनाथ के दर्शन किए। उधर, द्वितीय केदार भगवान मध्यमेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली भी संडे को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से अपने धाम के लिए रवाना हो गई।

चार बजे खुले मंदिर के कपाट
चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली फ्राइडे शाम छह बजे पनार बुग्याल से रुद्रनाथ धाम पहुंची थी। संडे को ब्रह्म मुहूर्त में डोली ने मंदिर की परिक्रमा की और ठीक चार बजे मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के कपाट खोल दिए गए। मंदिर के पुजारी समेत समेत स्थानीय लोगों ने बाबा को नवान्न का भोग लगाया। इस दौरान मंदिर समिति के पदाधिकारियों व हक-हकूकधारियों के साथ सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालु मौजूद रहे। उधर, पंचगद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में सुबह मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने भगवान मध्यमेश्वर की भोगमूर्ति की पूजा-अर्चना कर उसे फूलों से सजी डोली में विराजमान किया। जबकि, केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर ¨लग ने मध्यमेश्वर धाम के लिए नियुक्त मुख्य पुजारी बागेश ¨लग को संकल्प दिलाया। इसके बाद बाबा के जयघोषों के बीच डोली अपने प्रथम पड़ाव रांसी के लिए रवाना हुई। मंडे को डोली गौंडार और 21 मई को मध्यमेश्वर धाम पहुंचेगी। इसी दिन कर्क लग्न में 11.30 बजे मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।