एडीजी जोन व एसएसपी को मौके पर जाने के मिले निर्देश

बच्ची के रेप केस की जांच करेंगे सीओ

259 रेप केस कोर्ट में हैं विचाराधीन

38 आरोपियों को दो साल में मिल चुकी है सजा

Meerut. अब 12 वर्ष से कम उम्र की बच्चियों के साथ रेप करने वाले बच नहीं सकेंगे. सीओ अब बच्ची के रेप केस की जांचकर एक माह के भीतर उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करेंगे.

डीजीपी ने जारी किया सरर्कुलर

रेप के मामले में सजा को लेकर हुए संशोधन के बाद डीजीपी ओपी सिंह ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में एडीजी जोन से लेकर सीओ तक मौके पर जाकर वैज्ञानिक साक्ष्यों को सही से जमा कराएं.

डीएनए प्रोफाइलिंग भी जरूरी

एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि जिले के सभी कप्तानों को निर्देशित कर दिया गया है कि बच्चियों के साथ रेप के मामलों में आईपीसी की धाराओं के साथ पाक्सो एक्ट 2012- व क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट 2013 की धाराओं में हुए संशोधन के मुताबिक एफआईआर दर्ज हो. वहीं वरिष्ठ अधिकारी मौके पर जाकर विवेचक के जरिए सही से फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी कराए. इसके अलावा पीडि़ता का मेडिकल परीक्षण व डीएनए प्रोफाइलिंग कराना भी अनिवार्य है

पहचान न हो जाहिर

एडीजी ने बताया कि सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी तरह से पीडि़ता की पहचान न जाहिर की जाए. जल्द से जल्द बयान दर्ज कराए जाए. विवेचक एक माह के अंदर आरोप पत्र दाखिल कर दें. साथ ही परिवार को सिक्योरिटी भी दी जाएगी.

मिलेगी आर्थिक मदद

इसके अलावा पीडि़ता के परिवार को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाए. कोर्ट में पीडि़ता के परिवार व गवाहों को सुरक्षा भी दी जाए. गवाहों को कोर्ट में पेशी पुलिस को सुनिश्चित करानी होगा. ताकि वह पक्षद्रोही न हो सके. इसके अलावा डीएम व एसएसपी मिलकर जिला जज से अनुरोध कर ऐसे मामलों की हर रोज सुनवाई करें ताकि मुकदमों का निस्तारण हो सके. रेप करने वाले आरोपी को कड़ी सजा ि1मल सके.

मेरठ में रेप के आंकड़े

साल - केस

2015 - 70 केस

2016- 74 केस

2017- 80 केस

2018- 28 केस