मोदी सरकार के आम बजट से महिलाओं को काफी उम्मीदें

महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलों को बढ़ाया

Meerut. किचन के बजट से ही देश का बजट चलता है. किचन का बजट गड़बड़ाएगा तो जाहिर है आम बजट भी अच्छा नहीं होगा. वर्ष 2018-19 का आम बजट आने को है. शहर की गृहणियों से लेकर कामकाजी महिलाओं तक का कहना है कि इस बार बजट में महंगाई कम होनी चाहिए. आम आदमी की थाली में सस्ती सब्जियों और दाल को जगह मिल जाएं.

ये है उम्मीदें

घरेलू चीजों के दाम निश्चित किए जाएं.

टमाटर और प्याज के आसमान छूते भावों को नियंत्रित करने की जरूरत है.

दाल, चीनी, चावल, गेहूं, तेल जैसी राशन के सामान का उचित मूल्य तय होना चाहिए.

बजट ऐसा हो जिससे रोजमर्रा की थाली में महिलाओं को कटौती न करनी पड़ें.

फल, सब्जी, दूध रोज की आवश्यक चीजें हैं. इनके दामों में गिरावट हो.

रसोई गैस के बढ़ते दामों में कमी होनी चाहिए.

महंगाई की मार मिडिल क्लास परिवारों पर सबसे ज्यादा पड़ती है. इस बजट से हमें उम्मीद हैं कि इस बार हमारी किचन का बजट खराब नहीं होगा. दालें, फल, सब्जियां सस्ती होनी चाहिए.

रीना सिंघल

जरूरी खाद्य पदार्थो की कीमत कम होनी चाहिए. दालों के दाम बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं. दालें और फल तो थाली से लगभग गायब ही हैं. डर है कि यह और अधिक महंगी न हो जाएं.

ाधना मित्तल

उम्मीद है कि इस बार किचन में अपनी थाली का मेन्यू बरकरार रख पाएंगे. दुकानदार मनमाने तरीके से भाव वसूल रहे है. अच्छा रहेगा इसके लिए भी अगर कोई प्रावधान सरकार तय कर दें.

इंदू शर्मा

इस बार का बजट ऐसा हो जिससे घर का खर्च चलाने में आसानी हो. पिछले सालों के बजट ने किचन का जायका ही बिगाड़ दिया है. महंगाई बढ़ी है और खर्च भी तीन-चार गुना बढ़ गया है.

ममता गुप्ता