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PATNA : साइबर क्राइम में देश के कई प्रदेशों को पीछे छोड़ते बिहार के क्रिमिनलों ने ठगी का नया ट्रैक तैयार किया है. इसके लिए एक मल्टी नेशनल बैंक का सहारा लेकर वह पहले आपको अपने जाल में फंसाते हैं फिर आपका बैंक अकाउंट खाली कर भाग जाते हैं. 6 माह में 2 दर्जन से अधिक ठगी की घटनाओं ने सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने जब इसकी पड़ताल के लिए स्टिंग ऑपरेशन किया तो बड़ा खुलासा हुआ. पटना और आसपास के एरिया में ठगी का एक बड़ा स्ट्रक्चर तैयार कर साइबर क्रिमिनल ठगी कर रहे हैं.

ऐसे मिला क्रिमिनलों का क्लू

दैनिक जागरण आई नेक्स्ट को ठगी के शिकार कई लोगों ने फोन कर आईसीआईसीआई बैंक की ब्रांच खोलने के नाम पर ठगी का खेल बताया है. ठगी के शिकार लोगों से जालसाजों का नंबर मिला जो इस नेटवर्क में शामिल हैं. पटना में बैंक की ब्रांच खोलने के लिए जब संबंधित नंबरों पर फोन कर बात की गई तो बड़ा खुलासा हुआ. स्टिंग के दौरान चार एजेटों से बात हुई और हर किसी के ठगी का लगभग एक ही फंडा था. स्टिंग ऑपरेशन में जो सच सामने आया वह आपके सामने है.

इस तरह फंसाते हैं जाल में

स्टिंग ऑपरेशन के दौरान एजेंट ने हर तरह से जाल में फंसाने की कोशिश की. एजेंट ने 20 प्रतिशत कमीशन का झांसा देते हुए बताया कि आप किसी भी समय अपने बैंक अकाउंट से किसी के भी अकाउंट का पैसा निकाल सकते हैं. कोई भी व्यक्ति आपके पास आता है तो आप उसके अकाउंट से पैसा निकालकर उसे दे सकते हें और इसके बदले आपको 20 प्रतिशत कमीशन मिलेगा.

आप भी जानिए किस तरह करते हैं फर्जीवाड़ा

रिपोर्टर - आप बैंक के अधिकारी बोल रहे हैं क्या?

एजेंट - जी हां, मैं आईसीआईसीआई बैंक से बोल रहां हूं.

रिपोर्टर - आपका ऑफिस कहां है, कैसे मुलाकात होगी?

एजेंट - हेड आफिस कोलकाता में है और मुझसे मुलाकात बिहारशरीफ में होगी.

रिपोर्टर - ब्रांच लेने में मुझे कितना फायदा मिलेगा?

एजेंट - आपको कमीशन मिलेगा और आप किसी के खाता से भी पैसा निकालकर उसे दे सकते हैं.

रिपोर्टर - ब्रांच खोलने के लिए क्या करना होगा?

एजेंट - आपके पास सिस्टम है कि नहीं?

रिपोर्टर - जी हां, लैपटाप है मेरे पास.

एजेंट - ठीक है आपको आधार, पैन कार्ड और बैंक पासबुक के साथ बैंक की डिटेल देनी होगी.

रिपोर्टर - कैसे खुलेगी ब्रांच, आपके ऑफिस आना होगा मुझे या फिर ऑनलाइन होगा?

एजेंट - कुछ नहीं, आप पूरा डिटेल बताइएगा और आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी दीजिएगा हम यहीं से ब्रांच एक्टिव कर देंगे.

रिपोर्टर - क्या मेरा अकाउंट आईसीआईसीआई बैंक का होगा?

एजेंट - नहीं, वह तो आपके पर्सनल अकाउंट से ऑपरेट होगा. आप अपने अकाउंट से ही किसी के अकाउंट का पैसा निकाल सकते हैं.


इसलिए है फ्राड

कोई भी बैंक ब्रांच खोलने के लिए लोगों को मैसेज नहीं भेजता है. अगर कोई स्कीम होती है तो उसके लिए ब्रांच पर जाकर समझना होता और इसकी पूरी प्रक्रिया होती है. बैंक भी इसे लेकर ग्राहकों को अवेयर करता है. दैनिक जागरण आई नेक्स्ट ने संबंधित बैंक के कस्टमर केयर से बात की तो सच्चाई सामने आ गई. बताया गया कि बैंक ऐसी कोई व्यवस्था नहीं दे रहा हैं जिसमें प्राइवेट आदमी ब्रांच खोलकर अदर बैंक अकाउंट से ऑपरेट करे. ऐसे लोगों से सावधान रहें. यह झांसा देकर सिर्फ ओटीपी के सहारे बैक अकाउंट खंगालते हैं. कोई भी ओटीपी किसी के साथ साझा न करें.